Saran News : संगीत शिक्षक शेखर सुमन के आकस्मिक निधन पर राष्ट्रीय भोजपुरी संस्थान की ओर से राजमंगल सिंह कॉलेज, दिघवारा के परिसर में शोकसभा आयोजित की गयी. इस दौरान शिक्षकों, शिक्षाप्रेमियों और संगीतप्रेमियों ने दिवंगत शिक्षक के व्यक्तित्व और कृतित्व को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की.
कुशल और समर्पित संगीत शिक्षक थे शेखर सुमन
शोकसभा को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय भोजपुरी संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक सिंह ने कहा कि शेखर सुमन एक कुशल और समर्पित संगीत शिक्षक थे. उन्होंने अपनी प्रतिभा और कार्यों से संगीत के क्षेत्र में अलग पहचान बनायी थी. संगीत के प्रति उनका समर्पण और विद्यार्थियों के बीच उनका योगदान हमेशा याद किया जाएगा.
निधन से शिक्षक और संगीत जगत को अपूरणीय क्षति
अशोक सिंह ने कहा कि शेखर सुमन का आकस्मिक निधन शिक्षक और संगीत जगत के लिए अपूरणीय क्षति है. उनकी कमी को पूरा करना कठिन है. उन्होंने कहा कि संगीत के क्षेत्र में शेखर सुमन का योगदान लंबे समय तक लोगों को प्रेरणा देता रहेगा.
सरल व्यवहार और मिलनसार व्यक्तित्व को किया याद
शोकसभा में वक्ताओं ने शेखर सुमन के सरल व्यवहार और मिलनसार व्यक्तित्व को भी याद किया. लोगों ने कहा कि संगीत के प्रति उनका समर्पण और कार्यों के प्रति उनकी निष्ठा उन्हें दूसरों से अलग बनाती थी. उनके निधन से परिवार के साथ-साथ शिक्षक, शिक्षाप्रेमी और संगीतप्रेमी वर्ग में भी शोक की लहर है.
दिवंगत आत्मा की शांति के लिए की प्रार्थना
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की. सभी ने परिवार को इस कठिन समय में धैर्य प्रदान करने की कामना की.
शिक्षक और संगीतप्रेमी रहे मौजूद
शोकसभा में राष्ट्रीय भोजपुरी संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक सिंह, शिक्षक त्रिभुवन कुमार यादव, राकेश कुमार गुप्ता, रितेश कुमार सिंह, किशोर कुमार, अमन कुमार सिंह समेत बड़ी संख्या में शिक्षक, शिक्षाप्रेमी और संगीतप्रेमी उपस्थित रहे.
