15 मिनट की बारिश में ही डूबा छपरा शहर, कई इलाकों में जलजमाव से जनजीवन प्रभावित

छपरा शहर में मात्र 15 मिनट की मूसलाधार बारिश ने जल निकासी व्यवस्था की पोल खोल दी. शहर के कई इलाकों में जलभराव से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया. प्रमुख सड़कों पर आवागमन बाधित रहा और बाजारों में भी कारोबार प्रभावित हुआ.

Saran News : छपरा रविवार की दोपहर हुई मूसलाधार बारिश से लोगों को भीषण गर्मी से राहत तो मिली, लेकिन शहर की बदहाल जल निकासी व्यवस्था की पोल भी खुल गई. महज 15 से 20 मिनट की बारिश में ही शहर के अधिकांश हिस्सों में जलजमाव हो गया. कई प्रमुख सड़कों पर आवागमन बाधित रहा, जबकि निर्माणाधीन क्षेत्रों में कीचड़ और पानी के कारण लोगों का चलना भी मुश्किल हो गया.

बारिश से तापमान में आई गिरावट

बारिश से पहले शहर का अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था. बारिश के बाद तापमान में तीन से चार डिग्री की गिरावट आई और अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया. मौसम सुहाना होने से लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिली.

प्रमुख सड़कों पर जलजमाव, आवागमन बाधित

बारिश के बाद मौना-सांढ़ा रोड पर दो से तीन फीट तक पानी जमा हो गया, जिससे काफी देर तक इस मार्ग पर यातायात प्रभावित रहा. सांढ़ा चौक, नगर पालिका चौक और डाक बंगला रोड के कई हिस्सों में भी जलजमाव की स्थिति बनी रही. श्यामचक से गुदरी के बीच मुख्य सड़क पर गड्ढों में पानी भर जाने से वाहनों के परिचालन में भारी परेशानी हुई.

निर्माणाधीन इलाकों में हालात हुए और बदतर

शहर में जहां डबल डेकर पुल, सड़क और नालों का निर्माण कार्य चल रहा है, वहां बारिश के बाद हालात और खराब हो गए. मेवालाल चौक से मौना तक का मार्ग लगभग ठप हो गया. वैकल्पिक रास्तों पर भी पानी भर गया, जबकि सड़क किनारे पड़ी मिट्टी कीचड़ में बदल गई. इससे पैदल चलना भी मुश्किल हो गया. हालांकि दालदली बाजार होकर जाने वाले मार्ग को अस्थायी रूप से चालू किए जाने से कुछ राहत मिली, लेकिन मौना पंचायत भवन और मौना नीम के आसपास की सड़कें कीचड़ से पट गईं. खनुआ नाला निर्माण वाले क्षेत्रों में नाला बंद रहने के कारण जल निकासी पूरी तरह प्रभावित रही.

बाजारों में कारोबार पर भी पड़ा असर

बारिश और जलजमाव का असर शहर के प्रमुख बाजारों पर भी देखने को मिला. सरकारी बाजार, पुरानी गुड़हट्टी, साहेबगंज, सोनारपट्टी, सलेमपुर और गुदरी बाजार में पानी और कीचड़ जमा होने से खरीदारों की आवाजाही कम रही. सरकारी बाजार स्थित फल और सब्जी मंडी में भी कीचड़ भर जाने से कारोबार प्रभावित हुआ. कई इलाकों में नालियां जाम होने के कारण पानी सड़कों पर बहता रहा और नालों का कचरा भी सड़क पर फैल गया, जिससे लोगों की परेशानी और बढ़ गई.


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By Prabhat kiran himanshu

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