छपरा में विहंगम योग का भव्य आध्यात्मिक समागम: संत विज्ञानदेव जी महाराज ने दिया आत्म-जागरण का संदेश, हजारों श्रद्धालु पहुंचे

Chhapra News: छपरा के मुकरेड़ा स्थित विवेकानंद इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल में विहंगम योग संत-समाज द्वारा आयोजित आध्यात्मिक समागम में संत प्रवर श्री विज्ञानदेव जी महाराज ने हजारों श्रद्धालुओं को संबोधित किया. आत्म-जागरण, सदाचार और सकारात्मक सोच पर जोर देते हुए उन्होंने जीवन में सफलता और सार्थकता के व्यावहारिक मार्ग बताए.

Chhapra News: सारण जिले के मुकरेड़ा स्थित विवेकानंद इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल के प्रांगण में विहंगम योग संत-समाज के तत्वावधान में मंगलवार को भव्य आध्यात्मिक समागम का आयोजन किया गया. कन्याकुमारी से कश्मीर तक निकाली जा रही राष्ट्रव्यापी 'स्वर्वेद संदेश यात्रा' के क्रम में आयोजित इस समागम में संत प्रवर श्री विज्ञानदेव जी महाराज का पावन सानिध्य प्राप्त हुआ. इस आध्यात्मिक आयोजन में सारण जिले के विभिन्न प्रखंडों और सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों से हजारों की संख्या में श्रद्धालु, प्रबुद्ध नागरिक, शिक्षक और विद्यार्थी शामिल हुए, जिससे पूरा परिसर दिनभर भक्ति और अध्यात्म के रंग में रंगा रहा.

दीप प्रज्वलन के साथ समागम का शुभारंभ

कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन संत प्रवर विज्ञानदेव जी महाराज, विद्यालय के निदेशक डॉ. राहुल राज, अध्यक्ष विपिन कुमार सिंह, वरिष्ठ शिक्षकों एवं गणमान्य अतिथियों द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया. यह विशेष आयोजन विहंगम योग संत-समाज के 103वें वार्षिकोत्सव एवं 'समर्पण दीप अध्यात्म महोत्सव' के पावन संकल्पों और मानवीय मूल्यों को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से आयोजित किया गया.

नियमित साधना और आत्मचिंतन ही सच्ची सफलता

विशाल जनसमूह को संबोधित करते हुए संत प्रवर विज्ञानदेव जी महाराज ने आत्म-जागरण, सदाचार, निष्काम सेवा और सकारात्मक सोच पर विशेष बल दिया. आध्यात्मिक चेतना का संदेश देते हुए उन्होंने कहा-

"नियमित साधना और गहरे आत्मचिंतन के माध्यम से ही मनुष्य अपनी सुप्त आंतरिक शक्तियों को जागृत कर सकता है. आंतरिक शांति के बिना बाह्य सुख अधूरा है. विहंगम योग आत्मा का परमात्मा से मिलन कराने वाला एक अत्यंत सहज एवं व्यावहारिक मार्ग है. आज की युवा पीढ़ी को जीवन में सफलता और सार्थकता हासिल करने के लिए नैतिक मूल्यों, आत्मानुशासन और संस्कारों को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाना चाहिए."

नई पीढ़ी को संस्कार और सेवा भाव से जोड़ने का आह्वान

समागम के समापन पर विद्यालय के निदेशक डॉ. राहुल राज ने संत प्रवर विज्ञानदेव जी महाराज, दूर-दराज से आए सभी संतों, श्रद्धालुओं, शिक्षकों एवं स्वयंसेवकों के प्रति आभार व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि ऐसे आध्यात्मिक समागमों से युवाओं में भटकाव रुकता है और उनमें समाज व राष्ट्र सेवा के प्रति सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है. कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी लोगों ने सामाजिक समरसता, सद्भाव और मानवीय मूल्यों को अपनाने का सामूहिक संकल्प लिया.

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By Nadim ahmad

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