Saran News : शुक्रवार सुबह हुई मूसलाधार बारिश ने छपरा शहर की जलनिकासी व्यवस्था की पोल खोल दी. लगातार बारिश के कारण शहर के कई इलाके जलमग्न हो गए. खासकर वे क्षेत्र, जहां सड़क और नाला निर्माण कार्य चल रहा है, वहां तीन से चार फीट तक पानी जमा हो गया. जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने से लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.
इन इलाकों में सबसे अधिक जलजमाव
बारिश के बाद सरकारी बाजार, मौना-सांढा रोड, मेवालाल चौक, कचहरी स्टेशन रोड, कटहरी बाग चौक, करीमचक, गांधी चौक, नेहरू चौक, गुदरी बाजार, ब्रह्मपुर-श्यामचक रोड, मोहन नगर, मौना पंचायत भवन रोड, साधनापुरी, भगवान बाजार थाना रोड और मासूमगंज सहित कई मोहल्लों में जलजमाव की गंभीर स्थिति बन गई. इन क्षेत्रों में पहले से ही जल निकासी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है. शहर से बाहर पानी निकालने वाले बड़े नाले भी अवरुद्ध पड़े हैं, जबकि कई नालों में कचरा जमा होने से स्थिति और खराब हो गई है. परिणामस्वरूप 15 से 20 मिनट की बारिश में ही शहर की सड़कें पानी में डूब जा रही हैं.
खनुआ नाला निर्माण की धीमी रफ्तार बनी बड़ी वजह
छपरा शहर की जल निकासी व्यवस्था में खनुआ नाला की अहम भूमिका है. शहर के करीब 90 प्रतिशत छोटे नालों का पानी इसी नाले के माध्यम से बाहर निकलता है. हालांकि पिछले तीन वर्षों से इसका जीर्णोद्धार और पुनर्निर्माण कार्य जारी है, लेकिन इसकी रफ्तार काफी धीमी है. मौना चौक, सरकारी बाजार और सांढा जैसे घनी आबादी वाले इलाकों में निर्माण कार्य अब तक पूरा नहीं हो पाया है. इसके कारण इन क्षेत्रों में जलजमाव की समस्या स्थायी बन गई है. मौना-सांढा रोड पर पिछले डेढ़ वर्ष से सड़क निर्माण के कारण लोगों को लगातार परेशानी झेलनी पड़ रही है. पिछले वर्ष बरसात के दौरान यहां के लोगों ने जलजमाव के विरोध में पानी में खड़े होकर प्रदर्शन भी किया था.
जल निकासी के संपर्क मार्ग भी हैं बंद
शहर से बाहर पानी निकालने के लिए खनुआ नाला के कई संपर्क मार्ग (एप्रोच) बनाए गए थे, लेकिन अधिकांश वर्षों से बंद पड़े हैं. कई स्थानों पर इन मार्गों पर अतिक्रमण भी हो चुका है. सांढा ढाला के पास खनुआ नाला का संपर्क मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध है. वहीं जगदम कॉलेज से बिन टोली की ओर जाने वाले अधिकांश एप्रोच भी बंद हो चुके हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि अतिक्रमण हटाने और इन मार्गों की सफाई की दिशा में अब तक कोई प्रभावी पहल नहीं की गई है.
डीएम ने पहले ही दिए थे व्यवस्था सुधारने के निर्देश
करीब दो माह पूर्व जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने नगर निगम अधिकारियों के साथ बैठक कर शहर की ड्रेनेज व्यवस्था को बेहतर बनाने के निर्देश दिए थे. उन्होंने खनुआ नाला पर हुए अतिक्रमण को हटाने और सभी संपर्क मार्गों को दुरुस्त करने का भी निर्देश दिया था. इसके बाद कुछ स्थानों पर नालों की उड़ाही कराई गई और छोटे नालों को बड़े नालों से जोड़ा गया. बावजूद इसके कई स्थानों पर जल निकासी की व्यवस्था अब भी बाधित है. बरसात शुरू होने के बाद नालों से निकाला जा रहा कचरा भी सड़कों पर फैलकर कीचड़ में तब्दील हो रहा है, जिससे लोगों की परेशानी और बढ़ गई है.
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