Saran News: छपरा इंजीनियरिंग कॉलेज में रविवार को गर्ल्स हॉस्टल की व्यवस्था को लेकर छात्र-छात्राओं ने प्रशासनिक भवन के सामने धरना-प्रदर्शन किया. बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं धरने पर बैठ गए और कॉलेज प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. प्रदर्शन के दौरान हॉस्टल प्रबंधन, छात्राओं की सुरक्षा और प्रशासन के व्यवहार को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए गए.
कमरे बदलने की प्रक्रिया पर छात्राओं ने उठाए सवाल
प्रदर्शन कर रही छात्राओं का आरोप है कि सिंगल ऑक्यूपेंसी वाले कमरों में दो-दो छात्राओं को रहने के लिए शिफ्ट किया जा रहा है. उनका कहना है कि जिन छात्राओं के कमरे खाली कराए जा रहे हैं या जिनके कमरों में दूसरी छात्राओं को शिफ्ट किया जा रहा है, उन्हें पहले से कोई लिखित सूचना नहीं दी गई. छात्राओं ने आरोप लगाया कि उनकी अनुपस्थिति में कुछ कमरों को खोलकर उनका सामान हटाया गया और वहां दूसरी छात्राओं को शिफ्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई.
पुरुष कर्मचारी के हॉस्टल में आने पर जताई आपत्ति
प्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्राओं ने आरोप लगाया कि कॉलेज का एक पुरुष कर्मचारी, जिसे छात्राएं ड्राइवर बता रही हैं, अक्सर गर्ल्स हॉस्टल में आता-जाता है. उनका कहना है कि उसके व्यवहार को लेकर पहले भी आपत्ति दर्ज कराई गई थी और उसकी मौजूदगी से छात्राएं असहज महसूस करती हैं.
विरोध के दौरान छात्रा की तबीयत बिगड़ने का आरोप
छात्र-छात्राओं का आरोप है कि विरोध प्रदर्शन के दौरान एक छात्रा की तबीयत बिगड़ गई और वह कई बार बेहोश हो गई. उनका कहना है कि कॉलेज प्रशासन की ओर से समय पर पर्याप्त सहायता नहीं मिली, जिसके बाद साथी छात्र-छात्राओं ने उसे अस्पताल पहुंचाया.
अभद्र व्यवहार का भी लगाया आरोप
प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना है कि जब उन्होंने कमरे बदलने और नई छात्राओं को शिफ्ट करने संबंधी आदेश की लिखित प्रति मांगी, तो उन्हें कोई दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराया गया. साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि विरोध दर्ज कराने पर प्राचार्य ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया.
प्राचार्य बोले- सभी आरोप तथ्यहीन
कॉलेज के प्राचार्य डॉ. विमल कुमार ने छात्र-छात्राओं के सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया. उन्होंने कहा कि जिस व्यक्ति को छात्र-छात्राएं ड्राइवर बता रही हैं, वह कॉलेज का इलेक्ट्रिशियन है. महिला इलेक्ट्रिशियन उपलब्ध नहीं होने के कारण तकनीकी कार्यों के लिए उसे अधिकृत किया गया है. उन्होंने स्पष्ट किया कि इलेक्ट्रिशियन कभी भी उनकी मौजूदगी के बिना गर्ल्स हॉस्टल में प्रवेश नहीं करता.
76 नई छात्राओं के लिए किया जा रहा कमरों का पुनर्विन्यास
प्राचार्य ने बताया कि हाल ही में 76 नई छात्राओं का नामांकन हुआ है. उनके आवास की व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए हॉस्टल के कमरों का पुनर्विन्यास किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि पूरी प्रक्रिया कॉलेज के नियमों के अनुसार की जा रही है और छात्रों द्वारा लगाए गए सभी आरोप तथ्यहीन एवं निराधार हैं.
