Saran News : पश्चिम बंगाल के मालदा स्थित बीएसएफ कैंप में हुई फायरिंग की घटना में सारण जिले के मांझी नगर पंचायत के उत्तर टोला निवासी बीएसएफ हवलदार अजय कुमार सिंह (51) की मौत हो गई. घटना में दो जवानों की मौके पर ही जान चली गई. घटना के बाद अजय कुमार सिंह के पैतृक गांव में शोक की लहर दौड़ गई है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है.
अनुशासनात्मक कार्रवाई के बाद हुई फायरिंग
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, बीएसएफ जवान शिवम कुमार मिश्रा कथित रूप से अनुशासनात्मक कार्रवाई के तहत क्वार्टर गार्ड की सजा मिलने से नाराज था. आरोप है कि उसने अपने तीन सहकर्मी जवानों पर गोली चला दी. इस फायरिंग में दो जवानों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक अन्य जवान के घायल होने की सूचना है.
सैन्य सेवा से जुड़ा रहा है पूरा परिवार
मृतक हवलदार अजय कुमार सिंह अपने चार भाइयों में सबसे बड़े थे. उनके दूसरे भाई अभय सिंह भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) में डीएसपी हैं. तीसरे भाई अमर सिंह मुजफ्फरपुर में कल्याण पदाधिकारी के पद पर कार्यरत हैं, जबकि सबसे छोटे भाई अमन सिंह भारतीय सेना में कर्नल हैं. परिवार में उनकी पत्नी और एक अविवाहित पुत्री हैं.
15 वर्ष पहले पिता का भी हुआ था निधन
करीब 15 वर्ष पहले अजय कुमार सिंह के पिता एवं भूतपूर्व सैनिक मदन सिंह की टमटम के घोड़े के हमले में मृत्यु हो गई थी. अब हवलदार अजय कुमार सिंह की असामयिक मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. घटना की जानकारी मृतक के चाचा एवं अधिवक्ता उदय प्रताप सिंह तथा शिक्षक पुरुषोत्तम नारायण सिंह ने दी.
बीएसएफ ने शुरू की जांच, राजकीय सम्मान के साथ होगा अंतिम संस्कार
घटना के बाद बीएसएफ के वरिष्ठ अधिकारियों ने मामले की जांच शुरू कर दी है. प्रारंभिक जांच में अनुशासनात्मक कार्रवाई से उपजे आक्रोश को घटना का कारण माना जा रहा है. वहीं, हवलदार अजय कुमार सिंह के पार्थिव शरीर को पूरे सम्मान के साथ उनके पैतृक गांव लाने की तैयारी की जा रही है, जहां राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा.
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