Bihar Six Lane Bridge: (दिघवारा से अमित कुमार की रिपोर्ट)
पटना के दानापुर स्थित शेरपुर से सारण के दिघवारा तक गंगा नदी पर बन रहे बहुप्रतीक्षित सिक्सलेन पुल का निर्माण कार्य तेजी से जारी है. करीब 14.5 किलोमीटर लंबे इस पुल को पटना रिंग रोड परियोजना का अहम हिस्सा माना जा रहा है. एसपी सिंगला कंपनी द्वारा बनाए जा रहे इस मेगा प्रोजेक्ट पर लगभग 3012.27 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है. पुल के निर्माण से उत्तर और दक्षिण बिहार की कनेक्टिविटी मजबूत होगी और दिघवारा क्षेत्र के विकास को नई रफ्तार मिलेगी.
दिन-रात चल रहा निर्माण कार्य
दिघवारा की ओर से पुल निर्माण का काम काफी तेजी से आगे बढ़ रहा है. पुराना थाना मस्जिद से गंगा नदी तक कई पाया का निर्माण युद्धस्तर पर किया जा रहा है. वहीं गंगा के दूसरी ओर भी कई पिलर तैयार किए जा रहे हैं. निर्माण स्थल पर दिन-रात काम चल रहा है और मजदूरों के साथ भारी मशीनें लगातार जुटी हुई हैं.
2028 तक पूरा होने की उम्मीद
यह सिक्सलेन पुल शेरपुर के 8वें किलोमीटर से शुरू होकर दिघवारा के 23वें किलोमीटर तक जाएगा. परियोजना के तहत पुल को 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. खास बात यह है कि निर्माण पूरा होने के बाद अगले 10 वर्षों तक इसके रखरखाव की जिम्मेदारी भी एसपी सिंगला कंपनी के पास ही रहेगी. 2028 से इस पुल पर गाड़ियों का आवागमन शुरु हो सकता है.
पटना रिंग रोड का बनेगा अहम हिस्सा
यह पुल पटना रिंग रोड परियोजना का महत्वपूर्ण हिस्सा होगा. पुल की शुरुआत पटना रिंग रोड एनएच-131जी से होगी और इसका समापन दिघवारा के एनएच-19 पर होगा. इस पुल के बन जाने से पटना, सारण और आसपास के जिलों के बीच यातायात पहले से कहीं ज्यादा आसान और तेज हो जाएगा.
दानापुर जाने की खत्म होगी परेशानी
अभी दिघवारा और आसपास के लोगों को दानापुर जाने के लिए पटना होकर लंबा रास्ता तय करना पड़ता है. इससे समय और पैसे दोनों की बर्बादी होती है. लेकिन पुल बन जाने के बाद लोग कम समय में सीधे दिघवारा से दानापुर पहुंच सकेंगे. इससे आम लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है.
जेपी सेतु और कोईलवर पुल पर घटेगा दबाव
इस पुल के शुरू होने के बाद जेपी सेतु, आरा-डोरीगंज सड़क और कोईलवर सेतु पर वाहनों का दबाव भी काफी कम हो जाएगा. साथ ही छपरा से बिहटा में बन रहे एयरपोर्ट की दूरी लगभग 40 किलोमीटर तक कम हो जाएगी, जिससे यात्रा और भी सुविधाजनक हो जाएगी.
धार्मिक स्थलों तक पहुंच होगी आसान
इस परियोजना से बाबा हरिहरनाथ मंदिर और मां अंबिका भवानी मंदिर आमी जाने वाले श्रद्धालुओं को भी काफी सुविधा मिलेगी. पुल की कनेक्टिविटी गंगा नदी के उत्तरी छोर पर बनने वाले मरीन ड्राइव सड़क से भी जोड़ी जाएगी, जिससे धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने की संभावना है.
पुल निर्माण से बढ़ने लगे जमीन के दाम
पुल निर्माण शुरू होने के बाद से ही दिघवारा और आसपास के इलाकों में जमीन की कीमतों में भारी उछाल देखा जा रहा है. जिस जमीन की कीमत पहले काफी कम थी, उसका दाम अब तेजी से बढ़ रहा है. स्थानीय लोगों का कहना है कि आने वाले समय में यह इलाका निवेश और कारोबार का बड़ा केंद्र बन सकता है.
सड़कों का जाल बदल देगा दिघवारा की तस्वीर
दिघवारा में पहले से हाजीपुर-छपरा फोरलेन सड़क परियोजना चल रही है और अब सिक्सलेन पुल तथा संभावित पटना-पूर्णिया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के जुड़ने से यहां सड़कों का बड़ा नेटवर्क तैयार होगा. इससे लोगों की रेल मार्ग पर निर्भरता कम होगी और सड़क मार्ग से यात्रा आसान बनेगी.
रोजगार और कारोबार को मिलेगा बढ़ावा
स्थानीय लोगों का मानना है कि पुल बनने के बाद दिघवारा और आसपास के क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे. व्यापार, परिवहन और छोटे उद्योगों को भी बड़ा फायदा मिलेगा. बेहतर कनेक्टिविटी के कारण लोगों की आमदनी बढ़ने और क्षेत्र के तेजी से विकसित होने की उम्मीद जताई जा रही है.
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