तरैया. प्रखंड के तरैया-मढ़ौरा एसएच-73 मुख्य सड़क किनारे स्थित शाहनेवाजपुर गांव में टंगरिया बाबा की जन्मभूमि स्थल पर नवनिर्मित मंदिर और टंगरिया बाबा के बगीचे में स्थित प्रसिद्ध तीर्थ स्थल पर शनिवार को 24 घंटे का अखंड अष्टयाम कलशयात्रा के साथ प्रारंभ हुआ. 24 घंटे का सार्वजनिक अखंड अष्टयाम संत शिरोमणि श्री श्री 108 श्री नारद जी महाराज के संरक्षण में वर्षों से प्रत्येक साल माघ शुक्ल पक्ष चतुर्दशी को प्रारंभ होता है. टंगरिया बाबा की जन्मभूमि और बगीचे में स्थित कुआं व मंदिर परिसर में एक साथ अखंड अष्टयाम सह रामनाम संकीर्तन शुरू हुआ. टंगरिया बाबा के बगीचे तथा जन्मस्थली से निकली कलशयात्रा में शाहनेवाजपुर, मुरलीपुर, पचभिण्डा और तरैया के हजारों श्रद्धालु व जनप्रतिनिधियों ने भाग लिया. अनंत श्री विभूषित स्वामी श्री श्री 1008 श्री टंगरिया बाबा की पावन जन्मभूमि से कलशयात्रा गाजे-बाजे के साथ निकली. कलशयात्रा एसएच-73 होते हुए टंगरिया बाबा के बगीचे में स्थित मंदिर व कुएं तक पहुंची, जहां आचार्य दीपक चौबे, राजू पाठक और दीपू चौबे ने संयुक्त रूप से वैदिक मंत्रोच्चार के बीच कलश में जलभरी करायी. कलशयात्रा में मुख्य यजमान रवि भूषण कुमार श्रीवास्तव सपत्नी के अलावा छोटे लाल राय, ज्ञानेश्वर प्रसाद श्रीवास्तव, संतोष श्रीवास्तव, रंजन श्रीवास्तव, पवन कुमार, रूपेश कुमार, अनिल कुमार साह, राजू साह, अनुज श्रीवास्तव, प्रवीण श्रीवास्तव, गोलू कुमार रवि, अरविंद श्रीवास्तव, दीनानाथ साह, नंदन कुमार, आकाश कुमार, छोटू छलिया, भोलू कुमार, मनोज श्रीवास्तव, विशाल श्रीवास्तव, रंजीत सिंह समेत अन्य श्रद्धालु भक्त और जनप्रतिनिधि शामिल थे.
टंगरिया बाबा की जन्मभूमि पर अखंड अष्टयाम शुरू, कलशयात्रा में उमड़ी भीड़
प्रखंड के तरैया-मढ़ौरा एसएच-73 मुख्य सड़क किनारे स्थित शाहनेवाजपुर गांव में टंगरिया बाबा की जन्मभूमि स्थल पर नवनिर्मित मंदिर और टंगरिया बाबा के बगीचे में स्थित प्रसिद्ध तीर्थ स्थल पर शनिवार को 24 घंटे का अखंड अष्टयाम कलशयात्रा के साथ प्रारंभ हुआ.
