छपरा. आइसा, एसएफआइ सहित एससी, एसटी, ओबीसी और विभिन्न छात्र संगठनों ने मंगलवार को प्रतिरोध मार्च का आयोजन किया. इसके द्वारा यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन्स को प्रभावी ढंग से लागू करने की मांग की गयी. मार्च नगरपालिका चौक से शुरू होकर दारोगा राय चौक तक गया. पुनः लौटकर नगरपालिका चौक पर नुक्कड़ सभा में तब्दील हो गया. इस दौरान रोहित वेमुला एक्ट के तर्ज पर यूजीसी गाइडलाइन लागू करो, जातिगत भेदभाव बंद करो जैसे नारे लगाये गये. नुक्कड़ सभा को संबोधित करते हुए आइसा के जिला सचिव दीपांकर मिश्र व जिला अध्यक्ष कुणाल कौशिक ने संयुक्त रूप से कहा कि 13 जनवरी को जारी यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन्स समानता की दिशा में एक सीमित कदम है. लेकिन जातिगत भेदभाव जैसी संरचनात्मक समस्या से निपटने के लिए ये अपर्याप्त है. उन्होंने कहा कि दलित, आदिवासी और ओबीसी छात्रों के साथ होने वाला भेदभाव महज प्रशासनिक चूक नहीं बल्कि पीढ़ियों से चला आ रहा अन्याय है. जिसके लिए कानूनी और दंडात्मक ढांचा जरूरी है. कार्यक्रम में एसएफआइ के देवेंद्र कुमार, गौरव कुमार, छात्र नेता राहुल, रौशन आइसा के राजलक्ष्मी कुमारी, रानी कुमारी, रिया कुमारी, अपराजिता कुमारी, विकास, सोनू, लखन, सूरज, नीरज, अभय, कालिदास कुमार, अखिलेश राव, रौशन कुमार, गुड्डू कुमार, जय किशन, बिट्टू कुमार, ओम प्रकाश आदि शामिल थे.
संयुक्त छात्र संगठन ने यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन्स के लागू करने की मांग को लेकर निकाला प्रतिरोध मार्च
आइसा, एसएफआइ सहित एससी, एसटी, ओबीसी और विभिन्न छात्र संगठनों ने मंगलवार को प्रतिरोध मार्च का आयोजन किया.
