शिल्पी पोखरा के जीर्णोद्धार कार्य की गति में आयी तेजी

छपरा : शहर के प्रसिद्ध शिल्पी पोखरा के मेंटेनेंस व जीर्णोद्धार का कार्य प्रारंभ हो चुका है. सीएम के दौरे के बाद इस पोखरे के जीर्णोद्धार की कवायद तेज कर दी गयी है. सुबह से ही नगर निगम ने जेसीबी लगाकर पोखरे में फेंके गये कचरे को निकाला जा रहा है. वहीं पोखरे के आसपास […]

छपरा : शहर के प्रसिद्ध शिल्पी पोखरा के मेंटेनेंस व जीर्णोद्धार का कार्य प्रारंभ हो चुका है. सीएम के दौरे के बाद इस पोखरे के जीर्णोद्धार की कवायद तेज कर दी गयी है. सुबह से ही नगर निगम ने जेसीबी लगाकर पोखरे में फेंके गये कचरे को निकाला जा रहा है. वहीं पोखरे के आसपास नाले का निर्माण कार्य शुरू हो चुका है.

एक माह पूर्व ही सदर सीओ पंकज कुमार के नेतृत्व में पोखरे के आसपास दुकानदारों व स्थानीय लोगों द्वारा किये गये अतिक्रमण को हटाया गया. इसके बाद निगम को जल्द यहां से कचरा हटाने का निर्देश दिया गया था. विदित हो कि यह पोखरा आसपास के लोगों के लिए दो दशक पहले जल का प्रमुख श्रोत हुआ करता था.
स्थानीय लोग बताते है कि यहां पहले रमणीय दृश्य देखने को मिलता था. पोखरे के चारों तरफ बैठने की जगह थी. वहीं स्नान के लिए सीढ़ी व चबूतरा भी बना हुआ था. बीते दो दशकों में यहां कुव्यवस्था के कारण स्थिति बद से बदतर होती चली गयी. बीच में यहां पर नगर निगम द्वारा डंपिंग जोन बना लिया गया था. जल जीवन हरियाली के अंतर्गत इस पोखरें का जीर्णोद्धार हो रहा है.
आसपास के दो दर्जन से भी अधिक मुहल्लों के लिए यह एक मात्र सरोवर है. जहां पहले लोग छठ पूजा के लिए भी आते थे. नये सिरे से इसके मेंटेनेंस का कार्य शुरू हो जाने के बाद लोगों में उम्मीद बढ़ी है. जिला प्रशासन का कहना है कि अगले छह माह में यह पोखरा पुन: अपने पुराने स्वरूप को प्राप्त कर लेगा.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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