छपरा : देश एक अराजक दौर से गुजर रहा है. केंद्र सरकार लगातार जनसरोकारों पर हमला कर रही है. अघोषित आपातकाल की स्थिति है. भय, आतंक और दहशत का माहौल बना दिया गया है. उक्त बातें महागठबंधन और वाम दलों के संयुक्त प्रदर्शन के दौरान नेताओं ने कही. उन्होंने कहा कि संवैधानिक संस्थाओं पर हमले हो रहे हैं. रिजर्व बैंक, चुनाव आयोग और न्यायपालिका तक पर सरकार का अंकुश है. बेरोजगारी 45 साल में सबसे ऊंचे स्तर पर है. आर्थिक मंदी चल रही है. किसान बदहाल हैं.
महागठबंधन व वाम दलों ने किया प्रदर्शन
छपरा : देश एक अराजक दौर से गुजर रहा है. केंद्र सरकार लगातार जनसरोकारों पर हमला कर रही है. अघोषित आपातकाल की स्थिति है. भय, आतंक और दहशत का माहौल बना दिया गया है. उक्त बातें महागठबंधन और वाम दलों के संयुक्त प्रदर्शन के दौरान नेताओं ने कही. उन्होंने कहा कि संवैधानिक संस्थाओं पर हमले […]

उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाया जा रहा है. दलितों, अल्पसंख्यक पिछड़े और अति पिछड़े के खिलाफ सुनियोजित साजिश चल रही है. वक्ताओं ने केंद्र के साथ बिहार की नीतीश सरकार पर निशाना साधते हुए सृजन घोटाला, शेल्टर होम बलात्कार, मोबाइल घोटाला, शिक्षा घोटाला, बाढ़ में बदहाली, चमकी और डेंगू आदि के मामले पर सवाल खड़ा किया. पूर्व में नगर निगम से विरोध मार्च निकाला गया जो विभिन्न मार्गों से होता हुआ समाहरणालय पहुंचा. जहां डीएम के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन प्रेषित किया गया.
प्रदर्शन में रालोसपा के डॉ अशोक कुशवाहा, कांग्रेस के डॉ कामेश्वर प्रसाद सिंह विद्वान, सीपीआई के अहमद अली, माकपा के शिव शंकर प्रसाद, राजद के भोला राय, वीआईपी के धर्मेन्द्र बैठा समेत भारी संख्या में सभी दलों के कार्यकर्ता शामिल थे.