डोरीगंज(छपरा) : स्थानीय पुलिस की सतर्कता से देर शाम एक निर्दोष की जान बच गयी. अफवाह का शिकार होने से पहले ही मौके पर पहुंच डोरीगंज पुलिस ने उसे अपनी अभिरक्षा में ले लिया. वाकया कुछ ऐसा है कि डोरीगंज थाना क्षेत्र के सिंगही गांव में देर शाम कुछ लोगों ने भटकते हुए एक अधेड़ अजनबी को देखा, जो इधर-उधर पागलों की तरह कूड़े-कचरे की ढेर से कुछ कुछ चुनता और भटकता नजर आया.
बच्चाचोर की अफवाह में एक अधेड़ की जान जाने से बची
डोरीगंज(छपरा) : स्थानीय पुलिस की सतर्कता से देर शाम एक निर्दोष की जान बच गयी. अफवाह का शिकार होने से पहले ही मौके पर पहुंच डोरीगंज पुलिस ने उसे अपनी अभिरक्षा में ले लिया. वाकया कुछ ऐसा है कि डोरीगंज थाना क्षेत्र के सिंगही गांव में देर शाम कुछ लोगों ने भटकते हुए एक अधेड़ […]

उसे देख लोगों के बीच अलग-अलग कई तरह की आशंका उठने लगी. कुछ लोग उसकी हुलिया व हरकत देख पागल करार दे रहे थे, तो कुछ उसे पागलपन की आड़ में किडनी चोर व बच्चाचोर गिरोह का सदस्य बता रहे थे. इसके बाद उस अजनबी को घेर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गयी.
लोग उससे पूछताछ करने लगे. उसका उस व्यक्ति पर कोई असर नहीं हो रहा था. वह सिर्फ भीड़ को एकटक निहारे जा रहा था. इसी बीच किसी ने फोन कर डोरीगंज थाने को सूचना दी. इसके तुरंत बाद दल-बल के साथ घटनास्थल पर पहुंच थानाध्यक्ष ओमप्रकाश चौहान ने अधेड़ को अपनी अभिरक्षा में ले लिया. इससे उसकी जान बच गयी.
वहीं पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अधेड़ विक्षिप्त था. जो कहीं से भटक कर गांव में पहुंच गया था. उसे देख लोगो में कई तरह की आशंकाएं उत्पन्न हो गयी थीं. उसे पुलिस अभिरक्षा में ले जिला मजिस्ट्रेट से परमिशन लेकर मेंटल हॉस्पिटल कोइलवर भेज दिया गया. इस संबंध में थानाध्यक्ष ओमप्रकाश चौहान ने बताया कि अधेड़ मानसिक रूप से विक्षिप्त था. उसकी उम्र लगभग 55 साल थी. जिला मजिस्ट्रेट साहब की अनुमति लेकर उसे मेंटल हॉस्पिटल कोइलवर भेज दिया गया.