छपरा (सदर) : छपरा नगर निगम क्षेत्र में निकलने वाले गीले कचरे को जैविक खाद बनाकर उसे किसानों को बेचने तथा नगर निगम की आय बढ़ाने की दिशा में निगम के कार्य में तेजी देखी जा रही है.
छपरा शहर के पश्चिम श्यामचक से कुछ ही दूरी पर 20 यूनिट वाले अपशिष्ट प्रबंधन के प्लांट को तैयार करने का काम जोरों पर चल रहा है. वहीं शहर के पूरब 44 नंबर रेलवे ढाले के निकट भी दूसरा प्लांट लगाने का कार्य शीघ्र शुरू होगा. छपरा नगर निगम के कार्यपालक अभियंता एसके उपाध्याय के अनुसार चार गुना चार फुट आकार के 20 पिट बनाये जा रहे हैं. इस पर सात लाख 50 हजार रुपये की लागत आ रही है. वहीं पिट बनाने के बाद सेट का निर्माण होगा. तब कटिंग मशीन, केमिकल आदि लाकर शहर के लोगों के घरों से निकलने वाले गीले कचरे से जैविक खाद बनायी जायेगी.
छपरा शहर के पश्चिम बनने वाले इस प्लांट के निर्माण कार्य पूरा होने के बाद शहर के पूर्वी क्षेत्र में 44 नंबर रेलवे ढाले के पास भी काम शुरू करने के लिए प्रोजेक्ट तैयार हो चुका है. उन्होंने बताया कि गीले कचरे से जैविक खाद निर्माण के लिए प्लांट निर्माण को ले नगर निगम के कार्यपालक अभियंता सुनील कुमार उपाध्याय के नेतृत्व में सहायक अभियंता, कनीय अभियंता आदि की टीम ने मुजफ्फरपुर जाकर वहां लगे ठोस अपशिष्ट प्रबंधन प्लांट का अवलोकन किया तथा वहां के तकनीकी पदाधिकारियों से इसके निर्माण की विस्तृत जानकारी ली.
इसके बाद कार्य शुरू किया गया है. मालूम हो कि छपरा शहर में नगर निगम के माध्यम से अबतक ठोस तथा गीला कचरा अलग-अलग एकत्र करने तथा उसका उपयोग करने की व्यवस्था नहीं होने के कारण एक तो कचरे का सदुपयोग नहीं हो पाता था, दूसरा जगह-जगह ठोस एवं गीला कचरा फेंके जाने के कारण शहर में वायु प्रदूषण की समस्या ने विकराल रूप धारण कर लिया है.
शहर के हर मार्ग में वाहनों के चलने से एवं कचरे के सड़क पर या सड़क के किनारे फेंके जाने की वजह से लोगों को सांस लेना मुश्किल हो
जा रहा है.
