छपरा : सरकार के राजस्व विभाग के निर्देशानुसार जिले के विभिन्न सैरातों की बंदोबस्ती का कार्य एडीएम, एसडीओ, डीसीएलआर तथा सीओ के माध्यम से जारी है. यह बंदोबस्ती वित्तीय वर्ष 19-20 के लिए की जा रही है. एडीएम अरुण कुमार ने संबंधित सैरात क्षेत्रों के सीओ की उपस्थिति में जिले के कुल 26 सैरातों की बंदोबस्ती की प्रक्रिया शुरू की.
राजस्व विभाग के सात सैरातों की हुई बंदोबस्ती
छपरा : सरकार के राजस्व विभाग के निर्देशानुसार जिले के विभिन्न सैरातों की बंदोबस्ती का कार्य एडीएम, एसडीओ, डीसीएलआर तथा सीओ के माध्यम से जारी है. यह बंदोबस्ती वित्तीय वर्ष 19-20 के लिए की जा रही है. एडीएम अरुण कुमार ने संबंधित सैरात क्षेत्रों के सीओ की उपस्थिति में जिले के कुल 26 सैरातों की […]

इसमें सात सैरातों की बंदोबस्ती हो सकी. शेष की बंदोबस्ती चार तथा पांच अप्रैल को होगी. खुली डाक के माध्यम से होने वाली बंदोबस्ती में जिले में सबसे ज्यादा कादीपुर नगरा बाजार की बंदोबस्ती 15 लाख 8 हजार रुपये में हुई.
वहीं ढाेढ़स्थान लहलादपुर की बंदोबस्ती आठ लाख रुपये में हुई. इसके अलावा जलालपुर, दुधैला आदि सैरातों की भी बंदोबस्ती खुले डाक के आधार पर की गयी. नियमानुसार एक लाख से ज्यादा सुरक्षित राशि वाले सैरातों की बंदोबस्ती करनी है.
इसी प्रकार सदर एसडीओ लोकेश मिश्र ने सदर अनुमंडल में पड़ने वाले सात में से तीन सैरातों की बंदोबस्ती बुधवार को खुली बोली के आधार पर अपने कार्यालय कक्ष में संबंधित सीओ के पक्ष में की. इनमें कोपा बाजार की बंदोबस्ती दो लाख 56 हजार में, परसौना बाजार की 1 लाख 28 हजार में तथा शोभेपुर बाजार की 98 हजार रुपये में बंदोबस्ती हुई.
सदर एसडीओ के अनुसार शेष सैरात जिनकी बंदोबस्ती तीन अप्रैल को नहीं हो पायी उनकी बंदोबस्ती अब पांच को तथा पांच को भी डाक नहीं होने की स्थिति में 8 अप्रैल को खुली बोली के आधार पर डाक आयोजित की जायेगी. सदर एसडीओ को नियमानुसार 50 हजार से एक लाख रुपये तक की सुरक्षित राशि वाले सैरातों के एक वर्ष के लिए बंदोबस्ती का अधिकार है.
उधर, सदर डीसीएलआर संजय कुमार ने भी अपने कार्यालय कक्ष में सुरक्षित राशि 20 से 50 रुपये तक वाले राजस्व विभाग के सैरातों की बंदोबस्ती की प्रक्रिया आयोजित की. उन्होंने बताया कि 20 हजार से कम सुरक्षित राशि वाले सैरातों की बंदोबस्ती का अधिकार खुली बोली के आधार पर संबंधित सीओ को होता है.