छपरा. ऐ अल्लाह दुनिया और मुल्क में अमन व शांति कायम करना. मेरे गुनाहों को माफ करना और मेरा रोजा कबूल करना. मुझे बुराईयों से बचाए रखना और इंसानियत की सीख देना. मस्जिदों में हाथ फैलाए रोजेदार अल्लाह से ऐसी ही दुआ कर रहे थे. मौका था माह-ए-रमजान के तीसरे जुमे की खास नमाज अदा करने का. इस सिलसिले में जिले की मस्जिदों में खास तैयारियां की गई थीं. मार्केट में भी चहल-पहल देखने को मिल रही थी. माह-ए-रमजान के तीसरे जुमा की नमाज शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों की छोटी बड़ी तमाम मसजिदों में अदा की गयी. फर्ज नमाजों के साथ कसरत से नफल नमाज अदा की गयी. तिलावत कलाम पाक किया गया. पूरा जुमा रब को राजी करने में गुजरा. शुक्रवार के भोर में रोजेदारों ने सहरी खायी. पुरुषों ने मस्जिदों में तो महिलाओं ने घरों में नमाज अदा की. इसके बाद कुरआन शरीफ की तिलावत की गई और जुमा की नमाज की तैयारी शुरू हो गयी. जुमा की आजान होने तक मस्जिद नमाजियों से भर गयी. इसके बाद नमाजियों ने सुन्नतें अदा की. इमाम ने तकरीर पेश की. खुदा की हम्द व सना बयान की. रमजान की फजीलत पर रोशनी डाली गयी. इमाम के साथ सभी ने खुदा के बारगाह में दुआ के लिए हाथ उठाए. इमाम की दुआ पर सभी ने आमीन की सदाएं बुलंद की. लोगों ने घर लौट कर भी तिलावत व तस्बीह की.
रमजान के तीसरे जुमे पर मस्जिदों में उमड़ी भीड़, रोजेदारों ने मांगी अमन-चैन की दुआ

रमजान के तीसरे जुमे पर मस्जिदों में उमड़ी भीड़, रोजेदारों ने मांगी अमन-चैन की दुआ
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ऐ अल्लाह दुनिया और मुल्क में अमन व शांति कायम करना. मेरे गुनाहों को माफ करना और मेरा रोजा कबूल करना. मुझे बुराईयों से बचाए रखना और इंसानियत की सीख देना.