SAHARSA फसल की नई किस्मों व तकनीकों से अवगत हुए कोसी के किसान
मंडन भारती कृषि महाविद्यालय अगवानपुर (सहरसा) में बुधवार को क्षेत्रीय शोध एवं प्रसार सलाहकार समिति जोन टू की बैठक आयोजित की गई.
सत्तरकटैया (सहरसा ) से लालबहादुर की रिपोर्ट SAHARSA NEWS :
मंडन भारती कृषि महाविद्यालय अगवानपुर (सहरसा) में बुधवार को क्षेत्रीय शोध एवं प्रसार सलाहकार समिति जोन टू की बैठक आयोजित की गई.जिसमें कोसी प्रमंडल के किसान, वैज्ञानिक और कृषि पदाधिकारी बड़ी संख्या में शामिल हुए.बैठक की अध्य्क्षता मुख्य अतिथि डॉ ए के सिंह, (निदेशक अनुसंधान बिहार कृषि विश्वविद्यालय,सबौर) ने किया.इस बैठक में विशिष्ट अतिथियों परवीन कुमार राय (संयुक्त निदेशक कृषि सहरसा),डॉ के सत्यनारायण (प्राचार्य डॉ कलाम कृषि महाविद्यालय किशनगंज) डॉ डी के महतो (प्राचार्य भोला पासवान शास्त्री कृषि महाविद्यालय पूर्णिया) तथा संजय कुमार (जिलाकृषि पदाधिकारी) शामिल थे.बैठक डॉ बिनोद कुमार (प्राचार्य सह सहायक निदेशक शोध अगवानपुर) के निर्देशन में हुआ.कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रगान,दीपा प्रज्वलन और स्वागत गीत से हुई.डॉ बिनोद कुमार ने पिछले बैठक पर की गई कार्रवाई की जानकारी देते हुए कहा कि यह मंच किसानों और वैज्ञानिकों के बीच बेहतर संवाद का माध्यम है साथ ही किसानों की समस्याओ के निवारण को प्रकाशित किया. मुख्य अतिथि डॉ एके सिंह ने कार्यक्रम के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बिहार कृषि विश्वविद्यालय द्वारा विकसित नई किस्मों और तकनीकों की जानकारी दी जो कि कोशी क्षेत्र के किसानों के लिए बहुत उपयोगी है. बैठक के दौरान डॉ डी के महतो ने मखाना हार्वेस्टर और पॉपिंग मशीन जैसे नवाचारों पर प्रकाश डाला.डॉ के सत्यनारायण ने फसल विविधीकरण पर जोर दिया.परवीन कुमार राय ने किसानों की आय बढ़ाने के लिए हम सभी कृषि से संबन्धित लोगो को एक जुट होकर किसान के लिए काम करने की आवश्यकता बताई. जिला कृषि पदाधिकारी संजय कुमार ने कोसी क्षेत्र में तरबूज को लाभकारी फसल बताया. वहीं प्रगतिशील किसान चंद्रशेखर एवं व्यवसायी प्रसंजित झा ने अपने अनुभव साझा किए.तकनीकी सत्र का संचालन डॉ नित्यानन्द ने किया. जिसमे किसानों ने अपनी समस्याएं और शोध से जुड़ी आवश्यकताओं को रखा,जिनका वैज्ञानिकों द्वारा समाधान किया गया तथा भविष्य के शोध के लिए सुझाव भी दिए गए.कार्यक्रम का समापन डॉ एम डी ओझा के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ.इस कार्यक्रम में जोन टू के कृषि वैज्ञानिक,महाविद्यालय के शिक्षक एवं कोसी क्षेत्र के किसान बड़ी संख्या मे उपस्थित रहे,जिससे कृषि विकास को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई गई.