छपरा(कोर्ट) : मशरक के तत्कालीन जदयू नेता उपेंद्र सिंह के निजी अंगरक्षक मुन्ना सिंह की गोली मारकर हत्या कर दिये जाने के मामले में आरोपित बनाये गये बनियापुर के विधायक हाजिरी देने के लिए कोर्ट में पेश हुए.
उच्चतम न्यायालय के आदेश पर बनाये गये विशेष न्यायालय के न्यायाधीश एडीजे नवम उदय कुमार उपाध्याय के न्यायालय में विचारण किये जा रहे हत्या मामले के सत्रवाद 78/15 में विधायक केदारनाथ सिंह ने कोर्ट में हाजिरी दी.
दोनों पक्षों की बहस के बाद न्यायाधीश के आदेश पर वे कोर्ट से बाहर चले गये. इस मामले में अपर लोक अभियोजक अखिलेश कुमार सिंह ने बताया कि वाद में आरोपितों के विरुद्ध आरोप के गठन को लेकर विचारण किया जा रहा है.
इसमें बचाव पक्ष की ओर से सीआरपीसी की धारा 207 के तहत बहस की जा रही है. बुधवार को मामले में बचाव पक्ष की ओर से पटना के वरीय अधिवक्ता रामविनय सिंह ने बहस करते हुए कहा कि उन्हें अभियोजन के द्वारा अधूरा पुलिस पेपर उपलब्ध कराया गया है.
सरकार की ओर से अपर लोक अभियोजक अखिलेश कुमार सिंह ने बचाव पक्ष के बहस का जवाब देते हुए कहा कि अभियोजन द्वारा बचाव पक्ष को पूरा पेपर उपलब्ध करा दिया गया है . वहीं सूचक के अधिवक्ता हरिमोहन सिंह ने न्यायाधीश से अपना पक्ष रखने का आग्रह किया.
न्यायाधीश ने उनके आग्रह को स्वीकार करते हुए उन्हें अपना पक्ष रखने के लिए 27 मार्च की तिथि मुकर्रर की है. ज्ञात हो कि 2011 में निजी अंगरक्षक मुन्ना सिंह की मशरक प्रखंड परिसर में गोली मारकर हत्या कर दी गयी थी. इसमें उपेंद्र सिंह ने विधायक केदारनाथ सिंह समेत उनके दो परिजनों को आरोपित बनाते हुए मशरक थाना कांड संख्या 224/11 में प्राथमिकी दर्ज करायी थी.
