Samriddhi Yatra: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की ‘समृद्धि यात्रा’ ने रोहतास जिले के विकास की दिशा और दशा बदल दी है. डेहरी के बीएमपी-2 मैदान में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने करीब 480 करोड़ रुपये की 308 विकास योजनाओं का उपहार जिलावासियों को सौंपा.
यह दौरा केवल सरकारी घोषणाओं तक सीमित नहीं रहा, बल्कि मुख्यमंत्री ने खुद जमीन पर उतरकर विकास कार्यों का जायजा लिया और जनता से सीधा संवाद किया.
308 योजनाओं की मिली मंजूरी
जिलाधिकारी उदिता सिंह द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री ने जिले को भविष्य की जरूरतों के लिए तैयार करने हेतु योजनाओं का अंबार लगा दिया है. कुल 308 योजनाओं में से 158.59 करोड़ रुपये की लागत वाली 179 तैयार योजनाओं का उद्घाटन कर उन्हें जनता को समर्पित किया गया.
इसके साथ ही, 321.5 करोड़ रुपये की 129 नई विकास परियोजनाओं का शिलान्यास किया गया. इन योजनाओं के धरातल पर उतरने से न केवल बुनियादी ढांचा मजबूत होगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे.
वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट का निरीक्षण
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने ड्रीम प्रोजेक्ट ‘जल-जीवन-हरियाली’ के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट का स्थलीय निरीक्षण किया. उन्होंने अधिकारियों के साथ कार्यों की बारीकी से समीक्षा की और सोन नदी के पानी को उपयोग में लाने के लिए बन रहे इंटेक वेल निर्माण स्थल का भी जायजा लिया.
मुख्यमंत्री ने वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट के 3D मॉडल का अवलोकन कर यह सुनिश्चित किया कि आने वाले समय में डेहरी और आसपास के इलाकों को शुद्ध पेयजल की समस्या से हमेशा के लिए निजात मिल सके.
2005 से अब तक, हर तबके के लिए किया काम
बीएमपी-2 मैदान में उमड़ी भारी भीड़ के बीच मुख्यमंत्री ने लोगों से सीधा संवाद किया. उन्होंने अपने शासनकाल की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि 2005 से सत्ता संभालने के बाद उन्होंने समाज के हर तबके, विशेषकर महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए काम किया है.
मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि बिहार में ‘अपराध के राज’ को खत्म कर ‘कानून का राज’ स्थापित करना उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता रही है. उन्होंने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का भी निरीक्षण किया और लाभार्थियों से मुलाकात की.
मजदूरी के लिए बाहर नहीं जाएंगे बिहारी–सम्राट चौधरी
इस अवसर पर उप-मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी मंच से जनता को संबोधित किया. उन्होंने लालू-राबड़ी शासनकाल की याद दिलाते हुए कहा कि उस दौर की बदहाली को पीछे छोड़ अब बिहार बिजली और सड़क के मामले में आत्मनिर्भर हो चुका है.
उन्होंने एक बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि बाहर जाकर मजदूरी करने वाले बिहारियों को चिन्हित कर उन्हें राज्य के भीतर ही रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा.
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