Samrat Chaudhary: शपथ लेने के चंद घंटों के भीतर ही मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी एक्शन मोड में नजर आए. वे सीधे सचिवालय पहुंचे और आला अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक की. इस बैठक का मिजाज साफ था अब काम करने का तरीका बदलना होगा. सम्राट चौधरी ने स्पष्ट किया कि बिहार में अब अफसरशाही और भ्रष्टाचार के दिन लद चुके हैं.
उन्होंने प्रशासन को पटरी पर लाने के लिए पांच मूलभूत सूत्र दिए हैं, जो आने वाले दिनों में बिहार सरकार की कार्यशैली का आधार बनेंगे. अधिकारियों को दिए अपने पांच सूत्रों में सम्राट चौधरी ने साफ संदेश दिया-भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस होगा, अफसरशाही पर सख्ती दिखेगी, काम की रफ्तार दोगुनी होगी और हर फैसले में आम जनता की संवेदना झलकेगी.
भ्रष्टाचार पर जारी रहेगा जीरो टॉलरेंस
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भ्रष्टाचार के मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि राज्य में जीरो टॉलरेंस की नीति को पूरी दृढ़ता से लागू किया जाये. उन्होंने कहा कि ऊपर से लेकर नीचे तक किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जायेगा. साथ ही अधिकारियों को निर्देश दिया कि मुख्यालय से लेकर प्रखंड, अंचल और थाना स्तर तक कार्यों को लंबित रखने की प्रवृत्ति समाप्त की जाए. उन्होंने कहा कि सिर्फ फाइल बढ़ाने या पत्राचार तक सीमित रहने की मानसिकता बदलनी होगी. जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए.
सम्राट चौधरी का विजन स्पष्ट है कि सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक बिना किसी बाधा और रिश्वतखोरी के पहुंचे. उन्होंने संवेदनशील प्रशासन पर जोर देते हुए कहा कि जनता की शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर सुलझाया जाए.
राज्य को विकसित बनाने में तेजी से काम करें
भूमि विवाद को विशेष रूप से चिन्हित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में 60 से 70 प्रतिशत आपसी विवाद भूमि से जुड़े होते हैं, इसलिए इन मामलों के निपटारे को सरल बनाया जाये. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि प्रखंड, अंचल और थाना स्तर पर आम लोगों को बेहतर सुविधा मिले और उनकी समस्याओं का समय पर समाधान हो .
उन्होंने जोर देकर कहा कि जनता परेशान न हो, बल्कि खुशहाल रहे, इसी सोच के साथ काम करना है. उन्होंने कहा कि सात निश्चय योजनाओं और विभिन्न यात्राओं के दौरान जमीनी स्तर पर समस्याओं को करीब से समझने का अनुभव मिला है. अब उन अनुभवों के आधार पर राज्य को विकसित बनाने की दिशा में तेजी से काम करना होगा.
कैबिनेट का नया समीकरण
सत्ता के इस नए समीकरण में सम्राट चौधरी ने गृह, सामान्य प्रशासन और निगरानी जैसे महत्वपूर्ण विभागों सहित कुल 29 विभाग अपने पास रखे हैं, उनके अधीन सामान्य प्रशासन, गृह, मंत्रिमंडल सचिवालय, निगरानी, निर्वाचन, राजस्व एवं भूमि सुधार, स्वास्थ्य, विधि, उद्योग, पथ निर्माण, कृषि, श्रम संसाधन, पर्यटन, कला-संस्कृति, आपदा प्रबंधन, सूचना प्रावैधिकी, सहकारिता, पर्यावरण, पंचायत राज सहित कुल 29 विभाग हैं. इसके अलावा वे उन सभी विभागों के भी प्रभारी होंगे जो किसी अन्य मंत्री को आवंटित नहीं किये गये है.
विजय चौधरी के जिम्मे शिक्षा व उच्च शिक्षा समेत 10 विभाग उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी को जल संसाधन, संसदीय कार्य, सूचना एवं जनसंपर्क, भवन निर्माण, शिक्षा, ग्रामीण विकास, परिवहन और उच्च शिक्षा सहित महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी सौंपी गयी है. उनके पास विज्ञान एवं प्रावैधिकी तथा तकनीकी शिक्षा और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग भी रहेगा.
बिजेंद्र प्रसाद यादव के पास वित्त समेत आठ विभाग दूसरे उपमुख्यमंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव को ऊर्जा, योजना एवं विकास, मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन, वित्त, वाणिज्य कर, समाज कल्याण, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण तथा ग्रामीण कार्य विभाग का प्रभार दिया गया है.
जल्द ही मंत्रिमंडल का विस्तार हो सकता है,जिसमें सहयोगी दलों को भी उचित प्रतिनिधित्व देकर गठबंधन को और मजबूती दी जाएगी.
Also Read: CM सम्राट चौधरी ने अपने पास रखे 29 विभाग, बाकी जिम्मेदारी विजय और बिजेंद्र में बांटी
