Samastipur News:उत्पीड़न के शिकार महिलाओं को मिलेगा आश्रय

घरेलू हिंसा व यौन उत्पीड़न के शिकार महिलाओं को अब भटकना नहीं होगा. उन्हें आश्रय मिलेगा. छत मिलेगी.

Samastipur News:समस्तीपुर : घरेलू हिंसा व यौन उत्पीड़न के शिकार महिलाओं को अब भटकना नहीं होगा. उन्हें आश्रय मिलेगा. छत मिलेगी. इसमें वह सुरक्षा के साथ दिन गुजार सकेगी. महिला हेल्पलाइन की मदद से वन स्टॉप सेंटर में महिलाओं के लिए आवासीय व्यवस्था शुरू की जा रही है. इसमें यह सुविधा मिलेगी. एससी एसटी थाना के पीछे नवनिर्मित भवन में यह सुविधा शुरू हो रही है. आगामी 12 सितंबर को सूबे के समाज कल्याण मंत्री इस नये भवन का उद्घाटन करेंगे. इसके साथ ही आश्रय स्थल की व्यवस्था भी शुरू हो जायेगी. केंद्र सरकार की पहल पर मां शक्ति योजना के तहत यह व्यवस्था की गई है. इसमें हिंसा के शिकार महिलाओं को 3 से 5 दिनों तक रखने का इंतजाम किया जायेगा. खानपान व्यवस्था, काउंसलिंग, मेडिकल सुविधा, सुरक्षा की व्यवस्था भी उपलब्ध होगी. सुरक्षा के लिए बाकायदा 3 होमगार्ड की तैनाती कर दी गई है. वहीं कुल 16 नये कर्मचारी भी केंद्र संचालन के लिए महिला हेल्पलाइन को दिये गये हैं. सभी उद्घाटन के साथ ही कार्यरत हो जायेंगे. महिला हेल्पलाइन की मानें तो इस साल अप्रैल से लेकर अगस्त तक अब तक 202 घरेलू हिंसक के उत्पीड़न के मामले दर्ज हुए हैं. विगत वित्तीय वर्ष में 493 मामले महिला उत्पीड़न के सेल में आये थे. अब तक 28 महिलाओं को पुनर्वास के लिए सरकार की ओर से 2.85 लाख की वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई गई है. बदलते परिवेश के साथ ही महिलाओं में भी जागरूकता आई है. पहले जहां पति से किये गये यौन उत्पीड़न की शिकायत महिलाएं नहीं कर पाती थी या समझ नहीं पाती थी पुरुष अधिकार समझकर इसे सह लेती थी. वहीं अब हेल्पलाइन में यौन उत्पीड़न की भी समस्याएं महिलाएं दर्ज कर रही है. यह घरेलू हिंसा के अलावा है. मेडिकल से लेकर आवासीय सुविधा तक फिलहाल महिला हेल्पलाइन में घरेलू हिंसा से पीड़ित महिलाओं को मिलती है. आने पर उनका काउंसलिंग कराया जाता है. मेडिकल सहायता प्रदान की जाती है. वहीं पति-पत्नी के संबंधों के बीच में दरार आने पर उन्हें सुलह करने की कोशिश भी होती है. जिससे इनका घर परिवार बसा रहे.

बोले अधिकारी

वन स्टॉप सेंटर में अब घरेलू हिंसा के शिकार महिलाओं के रहने के लिए आवासीय व्यवस्था भी उपलब्ध हो जायेगी. उनके रहने के साथ ही उनकी सुरक्षा व्यवस्था का पूरा प्रबंध है. केंद्र की शुरुआत के साथ ही यह सुविधा बहाल हो जायेगी.

ज्योति अर्चना

जिला महिला संरक्षण पदाधिकारी

महिला हेल्पलाइन समस्तीपुरB

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By KRISHAN MOHAN PATHAK

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