महंगी कोचिंग से राहत! 9वीं-12वीं के छात्रों के लिए शुरू हुआ ‘विद्या साथी’, ऐसे मिलेगी फ्री पढ़ाई

बिहार बोर्ड ने सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों के लिए ‘विद्या साथी’ कार्यक्रम शुरू किया है. समस्तीपुर में इसके तहत 9वीं से 12वीं विज्ञान के छात्रों को मुफ्त ऑनलाइन पढ़ाई, विशेषज्ञों से मार्गदर्शन और डिजिटल अध्ययन सामग्री उपलब्ध होगी.

समस्तीपुर न्यूज: सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए डिजिटल शिक्षा का नया विकल्प शुरू किया गया है. बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने ‘विद्या साथी’ कार्यक्रम की शुरुआत की है. इसके तहत 9वीं से 12वीं विज्ञान संकाय के विद्यार्थियों को बिना किसी शुल्क के ऑनलाइन शैक्षणिक सहायता मिलेगी. छात्र ‘फिलो ऐप’ के जरिए कभी भी लाइव विषय विशेषज्ञों से जुड़कर अपनी पढ़ाई से जुड़े सवाल पूछ सकेंगे.

सवाल अटका तो ऐप पर मिलेगा समाधान

‘विद्या साथी’ को इंटरैक्टिव लर्निंग प्लेटफॉर्म के रूप में तैयार किया गया है. किसी विषय या अध्याय की अवधारणा समझने में परेशानी होने पर विद्यार्थी अपना सवाल ऐप पर अपलोड कर सकेंगे. ऑनलाइन उपलब्ध शिक्षक और विषय विशेषज्ञ उनकी शंका का समाधान करेंगे.

मॉडल विद्यालय बथुआ बुजुर्ग, सरायरंजन के शिक्षक सरोज कुमार झा ने बताया कि ऐप के माध्यम से कक्षा नौवीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों को ऑनलाइन शैक्षणिक सहायता मिलेगी. विद्यार्थी शिक्षकों से सीधे अपनी समस्या पूछ सकेंगे और जरूरत पड़ने पर वीडियो के जरिए भी विषय को समझ सकेंगे.

नोट्स और प्रश्न-पत्र भी मुफ्त

ऐप पर विद्यार्थियों के लिए विभिन्न विषयों की पीडीएफ अध्ययन सामग्री, अभ्यास नोट्स, पिछले वर्षों के प्रश्न-पत्र और क्वेश्चन बैंक उपलब्ध कराये जाएंगे. इससे छात्रों को परीक्षा की तैयारी के लिए अलग से महंगी अध्ययन सामग्री खरीदने की जरूरत कम होगी.

यह सुविधा खासकर उन विद्यार्थियों के लिए उपयोगी हो सकती है, जो दूर-दराज के इलाकों में रहते हैं और उन्हें विषय विशेषज्ञ शिक्षकों तक आसानी से पहुंच नहीं मिल पाती.

जेईई-नीट की तैयारी में भी मिलेगी मदद

डीईओ कामेश्वर प्रसाद गुप्ता ने बताया कि कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है. उन्होंने कहा कि यह सुविधा जेईई और नीट यूजी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों के लिए भी उपयोगी होगी.

कार्यक्रम की शुरुआत जिले के मॉडल स्कूलों से की गयी है. इसके सुचारू संचालन के लिए जिला समन्वयकों की तैनाती की जा रही है. जिला शिक्षा पदाधिकारी के नेतृत्व में क्रियान्वयन दल भी गठित किया जाएगा.

सुविधा के नाम पर पैसे मांगे तो कार्रवाई

शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि ‘विद्या साथी’ की सुविधा विद्यार्थियों के लिए नि:शुल्क है. यदि कोई व्यक्ति इस सुविधा के नाम पर छात्रों या अभिभावकों से पैसे की मांग करता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.

डिजिटल माध्यम से विशेषज्ञ शिक्षकों को सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों से जोड़ने की यह पहल खासकर उन छात्रों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है, जिन्हें अब तक कोचिंग या निजी ट्यूशन का खर्च उठाना मुश्किल होता था.

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By Prakash kumar

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