Samastipur News: शिक्षा विभाग ने जिले के शिक्षकों के स्थानांतरण एवं पदस्थापन के लिए बहुप्रतीक्षित मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) एवं शिक्षक स्थानांतरण नियम-2026 के क्रियान्वयन को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं. अब स्थानांतरण से जुड़ी पूरी प्रक्रिया विभागीय पोर्टल ई-शिक्षाकोष के माध्यम से ऑनलाइन संचालित होगी.
पांच वर्ष की सेवा अवधि की शर्त फिलहाल शिथिल
जारी अधिसूचना के अनुसार स्थानांतरण के लिए आवेदन करने हेतु नियमावली में निर्धारित पांच वर्ष की न्यूनतम सेवा अवधि की शर्त को फिलहाल शिथिल कर दिया गया है. हालांकि परिवीक्षा अवधि में कार्यरत शिक्षक एवं प्रधानाध्यापक इस प्रक्रिया के पात्र नहीं होंगे. स्थानांतरण एवं सेवा अवधि की गणना के लिए 31 मार्च 2026 को कट-ऑफ तिथि निर्धारित की गई है. पिछले दो वर्षों में स्थानांतरित हुए शिक्षक भी आवेदन कर सकेंगे.
विद्यालयवार आवश्यकता के अनुसार होगा समायोजन
शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि विद्यालयों में शिक्षकों की आवश्यकता का निर्धारण शैक्षणिक सत्र 2025-26 के नामांकन और शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 के प्रावधानों के अनुसार किया जाएगा. प्राथमिक विद्यालयों में प्रधानाध्यापक का एक अतिरिक्त पद सुरक्षित रहेगा, जबकि कक्षा 6 से 8 तक छात्र संख्या के आधार पर अधिकतम 12 शिक्षकों का प्रावधान किया जाएगा.
अधिशेष शिक्षकों को मिलेगा 30 विद्यालय चुनने का विकल्प
अधिशेष शिक्षकों के समायोजन के लिए पारदर्शी व्यवस्था लागू की गई है. एक ही विद्यालय में पांच वर्ष या उससे अधिक समय से कार्यरत शिक्षकों को रिक्ति वाले विद्यालयों में समायोजित किया जाएगा. इसके लिए उन्हें अधिकतम 30 विद्यालयों का विकल्प चुनने का अवसर मिलेगा. 31 मार्च 2026 तक 58 वर्ष की आयु पूरी कर चुके शिक्षकों को समनुपातीकरण प्रक्रिया से बाहर रखा गया है.
मेडिकल प्रमाणपत्र और ऑनलाइन आवेदन अनिवार्य
गंभीर बीमारी, दिव्यांगता एवं अन्य विशेष मामलों में स्थानांतरण के लिए सिविल सर्जन या मेडिकल बोर्ड का प्रमाणपत्र अनिवार्य होगा. विभाग ने स्पष्ट किया है कि ई-शिक्षाकोष पोर्टल के अतिरिक्त किसी अन्य माध्यम से प्राप्त आवेदन अथवा शिकायतों पर विचार नहीं किया जाएगा. सभी प्रक्रियाएं निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार ऑनलाइन पूरी की जाएंगी.
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