Samastipur News:सजावटी मछलियों का प्रजनन व पालन प्रबंधन करने की जरूरत : डॉ. पीपी श्रीवास्तव

डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय के अधीनस्थ मात्स्यिकी महाविद्यालय के सभागार में रंगीन मछली उत्पादन एवं एक्यूरियम निर्माण विषय पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण सम्पन्न हुआ.

पूसा : डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय के अधीनस्थ मात्स्यिकी महाविद्यालय के सभागार में रंगीन मछली उत्पादन एवं एक्यूरियम निर्माण विषय पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण सम्पन्न हुआ. विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. पुण्यव्रत सुविमलेन्दु पाण्डेय के विशेष प्रयास व दिशा निर्देशन तथा प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना अंतर्गत राष्ट्रीय मात्स्यिकी विकास बोर्ड, हैदराबाद, तेलंगाना द्वारा प्रायोजित एवं जीविका के माध्यम से चयनित प्रतिभागियों के लिए प्रशिक्षण आयोजित किया गया. अधिष्ठाता डॉ. प्रेम प्रकाश श्रीवास्तव तथा जीविका मुजफ्फरपुर की जिला परियोजना प्रबंधक अनीषा ने प्रशिक्षणार्थियों को प्रमाण पत्र दिया. साथ में सभी प्रशिक्षणार्थियों को उनके स्वयं के द्वारा बनाया गया एक-एक एक्वेरियम भी दिया गया. इस अवसर पर अधिष्ठाता ने विश्वविद्यालय के कुलपति के साथ ही राष्ट्रीय मात्स्यिकी विकास बोर्ड, हैदराबाद, तेलंगाना का इस स्वरोजगारोंन्मुखी प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन मात्स्यिकी महाविद्यालय में कराने के लिए गहरा आभार व्यक्त किया गया, अधिष्ठाता ने प्रशिक्षणार्थियों को संबोधित करते हुए प्रशिक्षणार्थियों से सजावटी मछलियों के पालन के लिए प्रेरित किया गया. उन्होंने बताया की प्रशिक्षणार्थी सजावटी मछलियों के प्रजनन, पालन का तकनीकी और क्रियाशील प्रशिक्षण से प्राप्त तकनीकी ज्ञान द्वारा एक छोटे जगहों पर अल्प पूंजी से स्वरोजगार अपनाकर बेहतर लाभ प्राप्त कर सकते हैं, सजावटी मत्स्य पालन व्यवसाय एक बहुत ही उभरता हुआ क्षेत्र है,तकनीकी ज्ञान अर्जित कर प्रशिक्षणार्थी कम लागत में एक्वेरियम निर्माण कार्य शुरू कर अच्छा आमदनी प्राप्त कर सकते हैं. सजावटी मछलियों के पालन से मनोरंजन के साथ ही स्वास्थ्य लाभ भी प्राप्त होता है. सजावटी मछलियों के साथ समय बिताने से स्ट्रेस लेवल को आसानी से कम किया जा सकता है साथ ही एंजाइटी में भी आराम मिलता है. उन्होंने प्रशिक्षण में उपस्थित महिलाओं तथा युवकों प्रशिक्षणार्थियों को बताया कि वे अपने तकनीकी ज्ञान को समाज के अन्य लोगों तक भी पहुंचाने का भी कार्य करें तथा सभी प्रशिक्षणार्थियों से आह्वान किया कि वे सजावटी मछलियों का मत्स्य पालन कार्य एवं एक्वेरियम निर्माण व्यवसाय अवश्य करें व समाज में अन्य लोगों को भी इस स्व-रोजगार से जुड़ने हेतु जागरूक करें ,उन्होंने बताया कि यह प्रशिक्षण प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना अंतर्गत संचालित किया जा रहा है.

यह प्रशिक्षण प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना अंतर्गत संचालित किया जा रहा है

मौके पर मुजफ्फरपुर जिले के जीविका के माध्यम से चयनित 25 प्रशिक्षणार्थियों के साथ जीविका मुजफ्फरपुर की जिला परियोजना प्रबंधक अनीषा और उनके सहयोगीगण, जीविका मुरौल के जीविकोपार्जन विशेषज्ञ साकेत कुमार कर्ण, मात्स्यिकी महाविद्यालय, के शिक्षक डॉ. राजीव कुमार ब्रह्मचारी, डॉ. सुजीत कुमार नायक, डॉ.मुकेश कुमार सिंह, डॉ.तनुश्री घोड़ई महाविद्यालय कर्मी डॉ.राजेश कुमार, विनोद कुमार,साजन कुमार भारती इत्यादि मौजूद थे. विगत तीन दिनों से चलने वाले इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में महाविद्यालय के मत्स्य संसाधन प्रबंधन विभाग के वैज्ञानिक व प्रशिक्षण संयोजक डॉ. रोशन कुमार राम ने प्रशिक्षणार्थियों को सजावटी मछलियों के प्रजनन ,पालन एवं एक्वेरियम निर्माण के लिए व्यवहारिक एवं क्रियाशील प्रशिक्षण दिया गया. महाविद्यालय के फिशरिज स्नातक अंतिम वर्ष के छात्र आशीष कुमार राय, सत्यम कुमार झा, अजीत कुमार एवं शिवांशु भास्कर ने भी प्रशिक्षण कार्यक्रम में तकनीकी सहायता दी. प्रशिक्षण पाकर सभी प्रशिक्षणार्थियों में काफी प्रसन्नता एवं आत्मविश्वास दिखाई दे रहा था.

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Author: PREM KUMAR

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