डीसीएलआर घूसकांड रोसड़ा: भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी अन्वेषण ब्यूरो पटना की टीम ने रोसड़ा में जोरदार स्ट्राइक करते हुए घूसखोर अफसरों के होश उड़ा दिए हैं. पांच दिनों की कड़ी घेराबंदी और सटीक रेकी के बाद विजिलेंस टीम ने भूमि सुधार उपसमाहर्ता (डीसीएलआर) कंचन कुमारी झा और उनके दलाल सह घरेलू सहायक सुमित कुमार को ₹2,00,000 नकद व करीब ₹37,000 की नई वाशिंग मशीन घूस लेते रंगेहाथ धर दबोचा. नगर परिषद रोसड़ा के वार्ड संख्या 24 स्थित डीसीएलआर के सरकारी आवास पर हुई इस सनसनीखेज छापेमारी के दौरान कमरे की तलाशी में ₹13,82,000 अतिरिक्त नकद बरामद किए गए, जिससे प्रशासनिक गलियारे में हड़कंप मच गया है.
जमीन विवाद में अनुकूल फैसले के बदले मांगी थी घूस
विभूतिपुर के माधोपुर निवासी मनोज कुमार अपनी मां की अतिक्रमित जमीन पर दखल-दिहानी और वाद संख्या 20/2026-27 के निराकरण के लिए तीन महीने से दफ्तर के चक्कर काट रहे थे. अनुकूल आदेश देने के एवज में ₹5,00,000 और एक वाशिंग मशीन की मांग की जा रही थी.
- ट्रैप का चक्रव्यूह: शिकायत के सत्यापन के बाद डीएसपी नरेंद्र कुमार के नेतृत्व में धावा दल गठित हुआ.
- वेश बदलकर पहुंची टीम: निगरानी अधिकारियों ने खुद दुकान से नई वाशिंग मशीन खरीदी और केमिकल लगे दो लाख रुपये परिवादी को देकर आवास पर भेजा.
- रंगेहाथ दबोचे गए: जैसे ही मनोज ने रकम व वाशिंग मशीन सुमित को सौंपी, टीम ने डीसीएलआर कंचन झा और सुमित को रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया.
दलाल के इशारे पर चलता था खेल, विपक्षी से भी 7 लाख की डील का आरोप
निगरानी की जांच में सामने आया कि दलाल सुमित विभागीय बैठकों तक में मौजूद रहता था और उसी के जरिए सौदेबाजी होती थी. जांच में यह भी तथ्य उभरा है कि दूसरे पक्ष से ₹7,00,000 लेकर उसके पक्ष में फैसला देने की तैयारी चल रही थी. छापेमारी के वक्त आवास पर डीसीएलआर के सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारी पति व दो पुत्र भी उपस्थित थे. कंचन कुमारी झा पूर्व में भी आचार संहिता उल्लंघन व प्रपत्र 'क' के मामलों को लेकर विवादित रही हैं.
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