Samastipur News: सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) मोरवा में शनिवार को आयोजित पोषण सामग्री वितरण कार्यक्रम उस समय विवादों में घिर गया, जब टीबी (यक्ष्मा) मरीजों को प्रोटीन युक्त पोषण बास्केट की जगह चावल और गेहूं वितरित किया गया. इसे लेकर कई मरीजों और उनके परिजनों ने नाराजगी जताई.
500 से 1000 रुपये खर्च कर पहुंचे थे मरीज
दूर-दराज के गांवों से आए कई मरीजों ने बताया कि वे 500 से 1000 रुपये तक खर्च कर करीब 30 किलोमीटर की दूरी तय करके कार्यक्रम में पहुंचे थे. उन्हें उम्मीद थी कि विभाग की ओर से पोषण बढ़ाने वाले खाद्य पदार्थ दिए जाएंगे, लेकिन हाथ में चावल और गेहूं की छोटी पोटली थमा दी गई.
मरीजों का कहना था कि टीबी रोगियों के लिए प्रोटीन युक्त सामग्री अधिक उपयोगी होती है. ऐसे में केवल चावल और गेहूं मिलने से उन्हें निराशा हुई.
40 टीबी मरीजों को मिलनी थी पोषण सामग्री
जानकारी के अनुसार, प्रखंड क्षेत्र के 40 चिन्हित टीबी मरीजों को पोषण सामग्री उपलब्ध कराने के लिए कार्यक्रम आयोजित किया गया था. इस संबंध में सिविल सर्जन की ओर से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के प्रभारियों को निर्देश जारी किए गए थे. कार्यक्रम की सूचना संबंधित अधिकारियों को भी दी गई थी और पहले से इसका प्रचार-प्रसार किया गया था.
मरीजों ने जताई नाराजगी
वितरण के दौरान जैसे ही मरीजों को चावल और गेहूं दिया गया, कई लोगों ने नाराजगी व्यक्त की. कुछ मरीजों ने कहा कि उन्हें उम्मीद से बिल्कुल अलग सामग्री मिली है. उनका कहना था कि इससे उन्हें कार्यक्रम के उद्देश्य के अनुरूप लाभ नहीं मिलेगा.
अधिकारियों ने क्या कहा?
प्रखंड विकास पदाधिकारी अरुण कुमार निराला ने कहा कि उन्हें यह जानकारी नहीं थी कि किस प्रकार की सामग्री का वितरण किया जाना है. वे केवल आमंत्रण पर कार्यक्रम में शामिल हुए और उपलब्ध सामग्री का वितरण किया.
प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी अमरनाथ पाठक ने बताया कि उनकी भूमिका केवल सहयोग तक सीमित थी और सामग्री की व्यवस्था उनके विभाग की ओर से नहीं की गई थी.
वहीं चिकित्सा प्रभारी डॉ. हरिशंकर प्रसाद ने कहा कि टीबी मरीजों की नियमित देखभाल की जा रही है और समय-समय पर इस तरह के वितरण कार्यक्रम आयोजित होते रहते हैं. उन्होंने कहा कि मरीजों को समुचित सुविधा उपलब्ध कराने का प्रयास जारी रहेगा.
कार्यक्रम में डॉ. सत्यप्रकाश, एसटीएस भोला साह, रजनी बाला, लैब टेक्नीशियन विनोद कुमार सहित स्वास्थ्य विभाग के कई कर्मी मौजूद रहे.
