मोहनपुर : प्रखंड के सरकारी विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों को अग्निशमन दल ने शुक्रवार को प्रशिक्षण दिया. स्थानीय बीआरसी में आयोजित इस कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी अजीत कुमार ने कहा कि आगजनी भले ही प्राकृतिक आपदा है, लेकिन इसे मानवजनित आपदा भी कहा जा सकता है. उन्होंने कहा कि जंगल में आग लगने का कारण भले प्राकृतिक होता है, गांव घर में आगजनी की घटनाएं प्रायः असावधानीवश ही घटती है. बीइओ ने इस बात पर जोर दिया कि अध्यापक व्यावहारिक रूप से छात्रों, सहकर्मी शिक्षकों एवं समाज के लोगों को आगजनी की घटनाओं को रोकने के लिए जागरूक कर सकते हैं. बीइओ ने कहा कि आगजनी की घटनाओं से होनेवाले जान माल के नुकसान की भरपाई संभव नहीं. कार्यक्रम के संयोजक और बीआरसी के लेखापाल योगेश कुमार ने कहा कि सभी विद्यालयों में एक एक शिक्षक को फोकल शिक्षक के रूप में नामित किया गया है, उन्हें हर वर्ष सतर्कता बरतने और आपदा के बाद की स्थिति से निबटने का प्रशिक्षण इसलिए दिया जाता है कि उनके माध्यम से समूचे समाज के लोग ऐसे तरीकों से लाभान्वित हो सकें. अनुमंडल अग्निशमन पदाधिकारी सुरेंद्र कुमार इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि थे, उन्होंने मॉकड्रिल के माध्यम से आगजनी के बीच सुरक्षित निकल जाने का प्रशिक्षण दिया तथा शिक्षकों को ऐसी आपदाओं से भिड़ने को तैयार रहने को कहा. इस कार्यक्रम में बीपीएम दीपक कुमार, अविनाश कुमार, अखिलेश कुमार सिंह, एमटीएस चंदन कुमार, नंदकिशोर राय, सच्चिदानंद सिंह, अशोक कुमार राय, हरि किशोर यादव आदि ने भी विचार व्यक्त किये.
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