दीक्षारंभ पूसा विश्वविद्यालय: डॉ. राजेन्द्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा में आयोजित दीक्षारंभ–2026 के दूसरे दिन विद्यार्थियों को रंगमंच और अभिनय की बारीकियों से रूबरू कराया गया. प्रख्यात रंगकर्मी मोना झा और सुप्रसिद्ध प्राध्यापक डॉ. जावेद अख्तर खान ने छात्रों के साथ अपने अनुभव साझा किए. कार्यक्रम में उपस्थित कुलपति डॉ. पीएस पांडेय ने कहा कि आरपीसीएयू के छात्र सर्वश्रेष्ठ हैं और विश्वविद्यालय उनके सर्वांगीण विकास के लिए हरसंभव अवसर प्रदान कर रहा है.
मोना झा ने कराईं रोचक गतिविधियां और थियेटर एक्सरसाइज
प्रसिद्ध रंगकर्मी मोना झा ने ‘अभिनय का अभ्यास’ विषय पर संवादात्मक व्याख्यान दिया. उन्होंने कहा कि अभिनय केवल संवाद अदायगी नहीं, बल्कि आत्म-अभिव्यक्ति और सामूहिक सृजन की जीवंत कला है.
- कम्युनिकेशन एक्सरसाइज: व्हिस्पर चैनल और ताली बजाने के अभ्यास से संप्रेषण व एकाग्रता सिखाई गई.
- ट्रस्ट व टीम भावना: हाथ दबाना, स्विच बल्ब गतिविधि और ट्रस्ट एक्सरसाइज के जरिए आपसी विश्वास और तालमेल बढ़ाया गया.
- मंचीय अभिव्यक्ति: डांस और पावर गेम के जरिए विद्यार्थियों में आत्मविश्वास और मंचीय झिझक दूर की गई.
रंगमंच की भाषा से व्यक्तित्व का होता है विकास
द्वितीय सत्र में डॉ. जावेद अख्तर खान ने ‘रंगमंच की भाषा’ पर विचार रखे. उन्होंने ‘ईदगाह’ कहानी और ‘पापा-राक्षस’ प्रसंग के माध्यम से बताया कि शारीरिक मुद्रा, आवाज का उतार-चढ़ाव और चेहरे के भाव अभिनय को सजीव बनाते हैं. उन्होंने रंगमंच को व्यक्तित्व निर्माण, कल्पनाशीलता और सामाजिक संवेदनशीलता का सशक्त माध्यम बताया. कार्यक्रम में डॉ. सतीश कुमार सिंह, डॉ. अंजनी कुमारी, डॉ. शंकर झा और डॉ. ईश प्रकाश मौजूद रहे.
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