Bihar Student Credit Card: रोसड़ा निवासी बिहार विधान परिषद सदस्य मो. कारी सोहैब ने बिहार सरकार द्वारा बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत अधिकतम ऋण राशि चार लाख रुपये से घटाकर दो लाख रुपये किये जाने के फैसले का विरोध किया है. उन्होंने रविवार को मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर इस निर्णय को तत्काल वापस लेने की मांग की.
चार लाख से दो लाख की गयी ऋण सीमा
एमएलसी कारी सोहैब ने कहा कि सरकार का यह फैसला प्रदेश के लाखों छात्र-छात्राओं और उनके अभिभावकों के हित में नहीं है. इंजीनियरिंग, चिकित्सा, प्रबंधन समेत अन्य व्यावसायिक पाठ्यक्रमों की फीस वर्तमान समय में चार-पांच लाख रुपये या इससे अधिक है.
ऐसे में दो लाख रुपये की ऋण राशि से विद्यार्थियों की उच्च शिक्षा का खर्च पूरा करना मुश्किल होगा. उन्होंने कहा कि इससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के कई प्रतिभाशाली विद्यार्थी उच्च शिक्षा से वंचित हो सकते हैं.
सरकार से बिना ब्याज पूरी राशि देने की मांग
कारी सोहैब ने मुख्यमंत्री से मांग की कि विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए आवश्यक पूरी राशि बिहार सरकार की ओर से बिना ब्याज उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाये.
उन्होंने कहा कि बैंकों पर निर्भरता बढ़ने से गरीब और मध्यमवर्गीय विद्यार्थियों पर ब्याज समेत अन्य वित्तीय दायित्व का बोझ बढ़ सकता है. इससे योजना का मूल उद्देश्य प्रभावित होगा.
बोले- आर्थिक कठिनाई पढ़ाई में बाधा नहीं बने
एमएलसी ने कहा कि शिक्षा प्रत्येक बच्चे का अधिकार है और आर्थिक कठिनाई किसी विद्यार्थी की पढ़ाई में बाधा नहीं बननी चाहिए. सरकार को स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना में ऋण सीमा घटाने के फैसले पर तत्काल पुनर्विचार करते हुए पूर्व की व्यवस्था बहाल करनी चाहिए.
फैसला वापस नहीं हुआ तो आंदोलन की चेतावनी
कारी सोहैब ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने निर्णय वापस नहीं लिया और छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया, तो वे छात्र संगठनों के साथ मिलकर व्यापक आंदोलन करने को बाध्य होंगे.
