Kisan Sabha Protest: बिहार राज्य किसान सभा की जिला इकाई ने शनिवार को विभिन्न किसान और जनहित से जुड़े मुद्दों को लेकर समाहरणालय पर प्रदर्शन किया. प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने आठ सूत्री मांगों के समर्थन में नारेबाजी की और बाद में जिला प्रशासन को मांगपत्र सौंपा.
महासंघ कार्यालय से निकला जुलूस
प्रदर्शनकारी महासंघ कार्यालय से जुलूस की शक्ल में निकले. शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए वे समाहरणालय के मुख्य द्वार पहुंचे, जहां सभा आयोजित की गई. कार्यक्रम की अध्यक्षता मनोज प्रसाद सुनील ने की.
इन मांगों को लेकर जताया विरोध
किसान सभा ने सरकार के समक्ष कई प्रमुख मांगें रखीं, जिनमें शामिल हैं—
- बंद पड़ी चीनी मिल को चालू किया जाए.
- सरायरंजन क्षेत्र में प्रस्तावित सिक्स लेन (ग्रीन एक्सप्रेसवे) के रूट में कथित बदलाव को रोका जाए.
- जमीन निबंधन पर बढ़े शुल्क की समीक्षा की जाए.
- फसल मुआवजा वितरण में कथित अनियमितताओं की जांच हो.
- लगुनिया के पर्चाधारियों को अवैध कब्जे से मुक्त कराकर जमीन पर दखल दिलाया जाए.
- राशन कार्ड से नाम काटे जाने की शिकायतों का समाधान किया जाए.
- मनरेगा योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए.
सरकार पर लगाए आरोप
सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र और राज्य सरकार की नीतियां किसान और मजदूर हितों के खिलाफ हैं. उन्होंने कहा कि किसानों और श्रमिकों से जुड़े मुद्दों का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाना चाहिए.
डीएम को सौंपा गया ज्ञापन
प्रदर्शन के बाद पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने जिला पदाधिकारी को आठ सूत्री मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा और शीघ्र कार्रवाई की मांग की.
सभा को जिला मंत्री सत्यनारायण सिंह, रामाश्रय महतो, उपेंद्र राय, श्याम किशोर कमल, सिया प्रसाद यादव, अवधेश मिश्रा, पवन सिंह, संजीव शंभू, राजन कुमार, रघुनाथ राय, महेंद्र सिंह, रामकरण राय, राम सिहासन राय, सुरेश महतो, उमेश झा, नंदकिशोर राम, लगन राय, रामनिवास राय और अन्य नेताओं ने संबोधित किया.
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