Samastipur News:बिहार आइडिया फेस्टिवल में दी गयी स्टार्टअप की जानकारी

जिला उद्योग केन्द्र के द्वारा गवर्नमेंट इंजीनियरिंग कॉलेज, सरायरंजन में बिहार आइडिया फेस्टिवल का आयोजन किया गया.

Samastipur News:समस्तीपुर : जिला उद्योग केन्द्र के द्वारा गवर्नमेंट इंजीनियरिंग कॉलेज, सरायरंजन में बिहार आइडिया फेस्टिवल का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का उद्घाटन जिलाधिकारी रोशन कुशवाहा, उप विकास आयुक्त शैलजा पांडेय, गवर्मेंट इंजीनियरिंग कॉलेज, सरायरंजन के प्राचार्य आरएम तुगनायत, जिला उद्योग केन्द्र के महाप्रबंधक विवेक कुमार शर्मा, नजारत उप समाहर्त्ता रजनीश कुमार राय ने संयुक्त रूप से किया. जिला उद्योग केन्द्र के महाप्रबंधक ने बताया कि इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य नये-नये आईडियाज को पोर्टल के माध्यम से रजिस्टर कराना है, जिससे कि अधिक से अधिक संख्या में स्टार्ट-अप स्थापित किया जा सके. इसमें युवाओं के लिए एक बेहतर अवसर है कि जिससे वे खुद अपना उद्यम स्थापित कर सकें और ज्यादा से ज्यादा रोजगार मुहैया करा सकें. उन्होंने बताया कि इस फेस्टिवल का शुरुआती आयोजन जिला स्तर पर फिर प्रमंडल स्तर पर इसके बाद राज्य स्तर पर किया जायेगा. इस में चयनित लोगों को बिहार स्टार्ट-अप पॉलिसी अन्तर्गत उद्योग विभाग द्वारा सीड फडिंग के रूप में दस लाख रुपये दस सालों के लिए बिना ब्याज के मुहैया कराया जायेगा. इनके शुरुआती आईडिया के विकास में सहयोग के लिए जिला में दो स्टार्ट-अप सेल गवर्नमेंट इंजीनियरिंग कॉलेज, सरायरंजन और डॉ. राजेन्द्र प्रसाद केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय पूसा में कार्यरत हैं. हर संभव सहायता एवं सुविधा मुहैया करायी जाती है. कार्यक्रम में तिरहुतवाला स्टार्ट-अप के फाउंडर अभिनव झा ने बताया कि इनका स्टार्ट-अप एग्रीफुड के क्षेत्र में कार्यरत है. उनका उत्पाद मखाना दुनिया के 8 देशों-अमेरिका इंगलैंड, आस्ट्रेलिया आदि देशो में निर्यात होता है. उन्होंने बताया कि वैज्ञानिक परीक्षणों में पुष्टि हुआ है कि मखाना में 20 प्रतिशत से ज्यादा प्रोटीन पाया जाता है. इस अवसर पर गिट्टी-मिट्टी डॉट कॉम के फाउन्डर अतुल प्रसाद और पटना ग्रीन्स के सीइओ ने अपना अनुभव साझा किया. कार्यक्रम में कॉलेज के प्राचार्य ने कहा कि बिहार अवसर से पूर्ण राज्य है, हमारा प्राचीन इतिहास गौरवशाली रहा है, लेकिन वर्तमान में हमारी गणना देश में पिछड़े राज्यों में होती है. जहां देश के विकसित राज्य तामिलनाडु, हरियाणा आदि में कुशल मैन पावर की उपलब्धता रही है. वर्तमान में मुख्यमंत्री द्वारा शुरू की गई सात निश्चय योजना से प्रत्येक जिलों में तकनीकी कॉलेज की स्थापना की गयी है. जिससे बिहार में कुशल मैन पावर प्राप्त होगा. विकास आयुक्त ने बताया कि इस तरह के कार्यकम से स्टार्ट-अप कल्चर को प्रमोट करने में मदद मिलेगी. युवाओं के समक्ष ओला एवं उवर जैसे सफल स्टार्ट-अप के उदाहरण देकर बताया कि स्टार्ट-अप आम लोगों की समस्याओं के समाधान में मदद करती है. जॉब सीकर से जॉब क्रियटेर बनाती है. कार्यक्रम में जिलाधिकारी ने सरकार के स्टार्ट-अप पॉलिसी में सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं के बारे में बताया. युवाओं को इस तरह के अवसर का लाभ उठाने को कहा. इसमें आने वाले कठिनाईयों के लिये जिले में बने स्टार्ट-अप सेल और जिला उद्योग केन्द्र से संपर्क करने को कहा. डीडीसी ने कहा कि वर्त्तमान व्यवस्था में बिहार में स्टार्ट-अप के विकास के लिए कुशल मैन पावर मौजूद है. मौके पर एडीएमओ अनुष्का, गवर्नमेंट इंजीनियरिंग कॉलेज, सरायरंजन के स्टार्ट-अप सेल के कॉर्डिनेटर तन्मय कुमार, डॉ. राजेन्द्र प्रसाद केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय पूसा की श्रावन्ती, जीविका दीदियों, जन शिक्षण संस्थान के छात्र-छात्रायें तथा कॉलेज के छात्र- छात्रायें सहित लगभग 500 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया. धन्यवाद ज्ञापन जिला उद्योग केन्द्र के परियोजना प्रबंधक सुनील कुमार ने किया.

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