Singhia Ghat Railway Station: समस्तीपुर-सहरसा रेलखंड के बीच प्रखंड के एकमात्र सिंघियाघाट रेलवे स्टेशन पर महीनों से बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमरायी हुई है. प्लेटफॉर्म पर रोशनी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से रात के समय यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. खासकर महिलाओं और बुजुर्ग यात्रियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गयी है.
प्लेटफॉर्म-2 की एक भी लाइट नहीं जल रही
बताया गया कि करीब 15 दिनों तक स्टेशन पर अंधेरा छाये रहने के बाद यात्रियों ने जोरदार शिकायत की थी. इसके बाद मंडल स्तर से मिस्त्रियों को भेजा गया, लेकिन आरोप है कि उन्होंने आधा-अधूरा काम कर खानापूरी की और वापस लौट गये.
महीना बीत जाने के बाद भी स्थिति में सुधार नहीं हुआ है. वर्तमान में प्लेटफॉर्म नंबर-2 की एक भी ट्यूबलाइट या एलईडी लाइट नहीं जल रही है. वहीं प्लेटफॉर्म नंबर-1 के पश्चिमी हिस्से की बत्तियां भी पूरी तरह बंद हैं.
रात में स्टेशन परिसर में छा जाता है अंधेरा
लाइट खराब रहने के कारण रात के समय पूरे स्टेशन परिसर में घना अंधेरा छा जाता है. इससे यात्रियों को आने-जाने में परेशानी होती है. महिलाओं, बुजुर्गों और अकेले यात्रा करने वाले यात्रियों को सुरक्षा को लेकर विशेष चिंता बनी रहती है.
स्थानीय लोगों का आरोप है कि विभागीय मिस्त्रियों ने समस्या का स्थायी समाधान करने के बजाय आधा-अधूरा काम कर दिया. इसके कारण बिजली व्यवस्था पहले की तरह ही बदहाल बनी हुई है.
यात्रियों ने रेलवे अधिकारियों से की त्वरित कार्रवाई की मांग
बिजली व्यवस्था से परेशान स्थानीय लोगों और यात्री संघ के प्रतिनिधियों ने रेलवे के वरीय अधिकारियों से मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है.
यात्रियों का कहना है कि किसी कुशल इलेक्ट्रिशियन को भेजकर पूरे स्टेशन परिसर की बिजली व्यवस्था को पूरी तरह दुरुस्त कराया जाना चाहिए, ताकि रात के समय किसी अप्रिय घटना की आशंका को टाला जा सके.
दैनिक यात्री संघ के मंडल अध्यक्ष कृष्णदेव प्रसाद सिंह, रालोमो प्रखंड अध्यक्ष मनोज कुमार, डॉ. रामस्वार्थ महतो और सुरेश कुमार महतो समेत अन्य लोगों ने जल्द से जल्द स्टेशन की सभी लाइटें चालू कराने की मांग की है.
लाइटें नहीं जलीं तो आंदोलन की चेतावनी
स्थानीय यात्रियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सिंघियाघाट रेलवे स्टेशन की पूरी बिजली व्यवस्था ठीक नहीं की गयी और सभी लाइटें चालू नहीं हुईं, तो वे चरणबद्ध आंदोलन करने को मजबूर होंगे.
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