Samastipur News: प्रखंड क्षेत्र के ऐतिहासिक खुदनेश्वर धाम स्थित शिवगंगा अपनी बदहाली से जूझ रहा है. मोरवा बाजार और हाट का कचरा लगातार इसमें डाले जाने से शिवगंगा गंदगी का केंद्र बन गया है. चारों ओर फैली गंदगी और उठती दुर्गंध से आसपास के लोगों में बीमारी फैलने की आशंका बढ़ गई है.
बाजार का कचरा और मांस-मछली के अवशेष बन रहे परेशानी
स्थानीय लोगों का कहना है कि पूरे मोरवा बाजार का कचरा, यहां तक कि मांस और मछली के अवशेष भी शिवगंगा में फेंके जाते हैं. इसके कारण पानी पूरी तरह प्रदूषित हो चुका है और लोग इसके पास जाने से भी कतराने लगे हैं.
ढाई करोड़ खर्च के बाद भी नहीं बदली तस्वीर
शिवगंगा के जीर्णोद्धार के लिए कई बार प्रयास किए गए. वर्ष 2012 में तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सेवा यात्रा के दौरान इसे पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की घोषणा हुई थी. इसके बाद करीब ढाई करोड़ रुपये भी खर्च किए गए, लेकिन स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हो सका.
सावन में लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं
खुदनेश्वर धाम देश के उन चुनिंदा धार्मिक स्थलों में शामिल है, जहां एक ही परिसर में शिवलिंग और खुदनी बीवी की मजार स्थित है, जो सांप्रदायिक सौहार्द का प्रतीक माना जाता है. सावन महीने में यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में कांवरिया और श्रद्धालु पहुंचते हैं. मान्यता है कि शिवगंगा में स्नान के बाद की गई पूजा विशेष फलदायी होती है, लेकिन वर्तमान में शिवगंगा का पानी इतना प्रदूषित हो चुका है कि श्रद्धालु उसमें उतरने से भी बचते हैं.
मंदिर प्रबंधन ने उठाई जीर्णोद्धार की मांग
मंदिर प्रबंधन समिति के अध्यक्ष इंद्रदेव शर्मा ने कहा कि सांसद, मंत्री और विधायक समय-समय पर शिवगंगा के जीर्णोद्धार का आश्वासन देते रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई. उन्होंने कहा कि यदि समय रहते सफाई और संरक्षण का काम नहीं हुआ तो शिवगंगा का अस्तित्व ही संकट में पड़ जाएगा.
