Samastipur News: समस्तीपुर : ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर 1 अप्रैल से 31 जुलाई तक नामांकित 95 से 100 प्रतिशत बच्चों की उपस्थिति 75 प्रतिशत या इससे अधिक दर्ज किये जाने को लेकर शिक्षा विभाग अधिकांश विद्यालयों से जवाब-तलब किया है. वित्तीय वर्ष 2025-26 के तहत शिक्षा विभाग द्वारा संचालित विभिन्न प्रकार की लाभुक योजनाओं की राशि के हस्तांतरण के लिए ई-शिक्षा कोष पोर्टल के माध्यम से न्यूनतम 75% उपस्थिति से संबंधित आंकड़ा एनआईसी को उपलब्ध कराया जाया जाना है. इसके आधार पर एनआईसी की ओर से पीएफएमएस प्लेटफॉर्म का उपयोग करते हुए लाभुक योजना की राशि सीधे लाभुक के खाते में ट्रांसफर की जायेगी. इसके लिए विद्यालय के प्रधानाध्यापक द्वारा ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर 1 अप्रैल 2025 से 31 जुलाई 2025 तक नामांकित छात्र-छात्राओं में से 75% अथवा उससे अधिक की उपस्थिति वाले छात्र-छात्राओं को यस एवं 75% से कम उपस्थिति वाले छात्र-छात्राओं को समग्र नो अंकित करना है. 75% अथवा उससे अधिक की उपस्थिति वाले छात्र-छात्राओं को ही विभिन्न लाभुक आधारित योजनाओं का लाभ दिया जाना है. 95 से 100 प्रतिशत छात्र-छात्राओं का डाटा यस किया गया है तो सभी अभिलेख व छात्र-छात्राओं का वित्तीय वर्ष 2025-26 का साक्ष्य समर्पित करेंगे, ताकि समयानुसार निदेशक प्राथमिक शिक्षा-सह-नोडल अधिकारी डीबीटी अभियान को ई-शिक्षा कोष पोर्टल के माध्यम से छात्र-छात्राओं का डाटा सत्यापित कर समर्पित किया जा सके. जिले के सरकारी विद्यालयों में नामांकित छात्र- छात्राओं को लाभुक आधारित योजना की राशि देने से पूर्व शिक्षा विभाग पूरी तत्परता के साथ जांच कर यह सत्यापन करना चाह रही है. ताकि गलत छात्रों के खाते में राशि नहीं जा सके. इसलिए हेडमास्टर, बीईओ के बाद डीपीओ बच्चों की उपस्थिति के आंकड़ों का अनुमोदन करेंगे. डीपीओ के अनुमोदन के बाद ही लाभुक योजनाओं की राशि लेने के लिए बच्चों का डाटा फ्रीज होगा. छात्र-छात्राओं की 75 फीसदी उपस्थिति का रिकार्ड देने के लिए हेडमास्टर को मौका दिया गया है. अप्रैल से जुलाई के आधार पर 75 फीसदी उपस्थिति का रिकार्ड हेडमास्टर देंगे. डीईओ कामेश्वर प्रसाद गुप्ता ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के तहत विभिन्न प्रकार की लाभुक योजनाओं की राशि के हस्तांतरण को लेकर ई-शिक्षा कोष पोर्टल के माध्यम से 75% उपस्थिति का आंकड़ा एनआईसी को उपलब्ध कराया जायेगा. इसके आधार पर लाभुक योजना की राशि सीधे लाभुक के बैंक खाते में दी जायेगी.
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