Samastipur News: जिले के सरकारी माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षकों की कमी और असंतुलित पदस्थापन की समस्या दूर करने के लिए शिक्षा विभाग ने नई मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी की है. इसके तहत अब विद्यालयों में शिक्षकों की तैनाती वास्तविक छात्र संख्या और विषयवार नामांकन के आधार पर की जाएगी.
ई-शिक्षाकोष पोर्टल के लाइव डेटा से होगा आकलन
माध्यमिक शिक्षा निदेशक सज्जन आर. के आदेश के अनुसार कक्षा 9 से 12 तक के विद्यालयों में वर्गवार और संकायवार नामांकन का आकलन ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर उपलब्ध लाइव डेटा के आधार पर किया जाएगा. जिला शिक्षा पदाधिकारी कामेश्वर प्रसाद गुप्ता ने बताया कि इससे फर्जी या कागजी नामांकन के आधार पर शिक्षकों की तैनाती पर रोक लगेगी और पूरी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी होगी.
छात्र संख्या के अनुसार स्वीकृत होंगे शिक्षक पद
नई व्यवस्था के तहत कला, विज्ञान और वाणिज्य संकाय वाले उच्च माध्यमिक विद्यालयों में विषयवार शिक्षक पद छात्र संख्या के अनुपात में स्वीकृत किए जाएंगे. यदि किसी विद्यालय में छात्रों की संख्या बढ़ती है तो अतिरिक्त सेक्शन खोलने की अनुमति दी जाएगी और उसके अनुरूप अतिरिक्त शिक्षकों की व्यवस्था भी की जाएगी.
विभाग ने कक्षा 9 और 10 के लिए भी विषयवार शिक्षकों की न्यूनतम संख्या निर्धारित की है, ताकि सभी प्रमुख विषयों की पढ़ाई नियमित रूप से संचालित हो सके.
ग्रामीण स्कूलों को मिलेगा फायदा
नई व्यवस्था का सबसे अधिक लाभ ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यालयों को मिलने की उम्मीद है. वर्तमान में कई विद्यालयों में आवश्यकता से अधिक शिक्षक हैं, जबकि दूरदराज के स्कूलों में शिक्षकों की कमी बनी हुई है.
नई नीति लागू होने के बाद जिन विद्यालयों में निर्धारित मानक से अधिक शिक्षक होंगे, वहां से उनका समानुपातिकरण (रैशनलाइजेशन) कर उन्हें शिक्षकविहीन या शिक्षक कमी वाले विद्यालयों में पदस्थापित किया जाएगा. विभाग का मानना है कि इससे समस्तीपुर सहित पूरे राज्य में सरकारी विद्यालयों की शैक्षणिक व्यवस्था अधिक संतुलित और प्रभावी होगी.
