Samstipur : नये साल में शिक्षा में ऊंची उड़ान भरेगा समस्तीपुर

नये साल की शुरुआत के साथ ही समस्तीपुर जिले में शिक्षा के क्षेत्र में बड़े और दूरगामी बदलाव की तस्वीर उभरने लगी है.

– नई शिक्षा नीति के तहत विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए व्यवसायिक शिक्षा भी दी जायेगी

समस्तीपुर :

नये साल की शुरुआत के साथ ही समस्तीपुर जिले में शिक्षा के क्षेत्र में बड़े और दूरगामी बदलाव की तस्वीर उभरने लगी है. प्रारंभिक स्कूलों से लेकर उच्च माध्यमिक विद्यालय तक बुनियादी ढांचे के विस्तार, आधुनिक संसाधनों, डिजिटल पढ़ाई और समावेशी शिक्षा को लेकर ठोस पहल की जा रही है. केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं के साथ जिला प्रशासन के प्रयास मिलकर शिक्षा को नई दिशा देने की तैयारी में हैं. वर्ष 2026 को जिले में शिक्षा के कायाकल्प का वर्ष माना जा रहा है, जो आने वाले समय में समस्तीपुर के भविष्य को नई पहचान देगा. जिले में सरकारी विद्यालयों में अध्ययन करने वाले छात्र-छात्राएं भी अब व्यावसायिक शिक्षा का लाभ ले सकेंगे. जिले के 16 माध्यमिक/उच्च माध्यमिक विद्यालयों में नौवीं व दसवीं कक्षाओं में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को शैक्षणिक सत्र 2026-27 में व्यावसायिक शिक्षा दिलाने की रणनीति बनायी गयी है. श्रीकृष्ण उच्च विद्यालय जितवारपुर में टेलीकॉम व अपेरल, मेड-अप्स एंड होम फर्निशिंग सेक्टर स्किल, केजी एकेडमी सिंघिया में इलेक्ट्रॉनिक्स एवं हार्डवेयर, टेलीकॉम, उच्च माध्यमिक विद्यालय सिंघिया टू में आईटी-आईटीईएस,इलेक्ट्रॉनिक्स एवं हार्डवेयर, उच्च विद्यालय हसौली कोठी उजियारपुर में आईटी-आईटीईएस, एग्रीकल्चर, उच्च माध्यमिक विद्यालय बेलसंडी तारा विभूतिपुर में आईटी-आईटीईएस,अपेरल, मेड-अप्स एंड होम फर्निशिंग सेक्टर स्किल, उच्च माध्यमिक विद्यालय कमराव दलसिंहसराय में इलेक्ट्रॉनिक्स एवं हार्डवेयर, अपेरल, मेड-अप्स एंड होम फर्निशिंग सेक्टर स्किल, उच्च विद्यालय वारिसनगर में टेलीकॉम व अपेरल, मेड-अप्स एंड होम फर्निशिंग सेक्टर स्किल, उच्च विद्यालय बेलसंडी बिथान में इलेक्ट्रॉनिक्स एवं हार्डवेयर, अपेरल, एग्रीकल्चर, बीआरबी उच्च माध्यमिक विद्यालय अन्दौर मोहिउद्दीननगर में इलेक्ट्रॉनिक्स एवं हार्डवेयर, अपेरल, मेड-अप्स एंड होम फर्निशिंग सेक्टर स्किल, यूएचएस मोहनपुर में इलेक्ट्रॉनिक्स एवं हार्डवेयर,अपेरल,मेड-अप्स एंड होम फर्निशिंग सेक्टर स्किल,प्लस टू उच्च विद्यालय बथुआ बुजुर्ग सरायरंजन में इलेक्ट्रॉनिक्स एवं हार्डवेयर, आईटी-आईटीईएस, लड्डूलाल उच्च विद्यालय सिरसी विभूतिपुर में टेलीकॉम,प्लबिंग, पीएसपी उच्च माध्यमिक विद्यालय बिथान में टेलीकॉम, आईटी-आईटीईएस, प्लस टू इंटर स्कूल सिरोपट्टी खतुआहा खानपुर में प्लबिंग,अपेरल, मेड-अप्स एंड होम फर्निशिंग सेक्टर स्किल, उच्च विद्यालय पूसा (बालक) में आईटी-आईटीईएस, एग्रीकल्चर व मोडेल इंटर विद्यालय बहादुरपुर में इलेक्ट्रॉनिक्स एवं हार्डवेयर, एग्रीकल्चर ट्रेड का निर्धारण स्थानीय आवश्यकता, छात्रों की रुचि को देखते हुए स्कूलों के प्रधान शिक्षक की सहमति से किया गया है.

नवाचार व रचनात्मकता में होंगे दक्ष

जिले के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए दो स्कूलों में अटल टिंकरिंग लैब स्थापित की जायेगी. अटल टिंकरिंग लैब (एटीएल) के जरिये विद्यार्थियों को रोबोटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, थ्री-डी प्रिंटिंग और कोडिंग जैसी नयी तकनीकों की बारीकियों से अवगत कराते हुए उन्हें मौजूदा दौर की चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार किया जायेगा. जिले के चिन्हित दोनों विद्यालयों में लैब स्थापित करने के लिए सामग्री उपलब्ध कराई जा चुकी है. मिली जानकारी के मुताबिक शहर के आरएसबी इंटर विद्यालय व प्लस टू जीबी हाई स्कूल शाहपुर पटोरी में यह लैब स्थापित किया जायेगा. लैब को क्रियान्वित करने के लिए उक्त दोनों विद्यालय के दो-दो शिक्षकों को फिलवक्त प्रशिक्षण दिया गया है.

पीएम श्री के रूप में चयनित स्कूलों में 52 गतिविधियों पर काम होगा

जिले के 27 पीएम श्री विद्यालयों के बच्चों की शिक्षा को स्मार्ट शिक्षा से जोड़ने के लिए इन स्कूलों को मॉडल स्कूल के रूप में विकसित किया जायेगा. साथ ही, बुनियादी ढांचे को मजबूत कर 25 जरुरी संसाधनों से लैस किया जायेगा. जिसमें उच्च गुणवत्ता की शिक्षा को समानता व आनंददायी माहौल में बच्चों को शिक्षा प्रदान करने की पूरी व्यवस्था होगी. इस योजना के धरातल पर उतरने के बाद इन स्कूलों की तस्वीर बदलेगी. इन स्कूलों में स्मार्ट क्लास, खेल और आधुनिक सुंदर ढांचे पर विशेष जोर दिया जाएगा. स्कूलों को अपग्रेड करने के लिए पीएम श्री योजना का खर्च केंद्र सरकार वहन करेगी. सामान्य लोगों के बच्चों को इस योजना के तहत विकसित और मॉडर्न स्कूलों से अच्छी शिक्षा मिलेगी. जिससे उनका भविष्य बेहतर होगा और वह शिक्षित होकर भारत के विकास एवं तरक्की में अपना योगदान देंगे.

204 स्कूलों में बनेगी एकीकृत विज्ञान गणित लैब

गणित और विज्ञान में एक ठोस आधार स्थापित करना युवा शिक्षार्थियों के लिए महत्वपूर्ण है. छात्रों को इन विषयों की खोज करने में जो आनंद मिलता है और महारत हासिल करके आत्मविश्वास मिलता है, उसके अलावा यह आवश्यक शैक्षणिक तैयारी वित्तीय साक्षरता, आलोचनात्मक सोच और स्वस्थ निर्णय लेने के द्वार खोलती है. इसी उद्देश्य से जिले के 204 विद्यालयों में इंटीग्रेटेड साइंस एंड मैथ लैब स्थापित करने का निर्णय लिया गया है. इस कार्य के लिए एजेंसी का चयन भी कर लिया गया है. दरअसल, स्कूलों में एकीकृत विज्ञान और गणित प्रयोगशाला बनेगी, जहां माध्यमिक और उच्च माध्यमिक स्कूलों के छात्र-छात्राओं को विज्ञान और गणित विषय को व्यावहारिक तरीके से सीखने की सुविधा होगी. एजेंसी द्वारा चयनित स्कूलों में लैब स्थापित किए जायेंगे.

बच्चे मृदा स्वास्थ्य जांच करेंगे और किसानों को मिट्टी का हाल बतायेंगे

कृषि-किसान कल्याण विभाग और शिक्षा मंत्रालय ने यह संयुक्त पहल की है. इसके लिए जिन स्कूलों का चयन किया गया है, उनमें केन्द्रीय विद्यालय, नवोदय विद्यालय और मिडिल व हाईस्कूल शामिल हैं. खेतों से मिट्टी का नमूना इकट्ठा कर बच्चे लैब में इसकी जांच करेंगे. 7वीं से 11वीं के बच्चे जांच कार्य करेंगे. ये बच्चे मिट्टी की जांच कर मृदा स्वास्थ्य कार्ड भी बनाएंगे. इसके आधार पर अपने क्षेत्र में किसानों को उनके खेत की मिट्टी के बारे में बताएंगे और शिक्षित भी करेंगे. 50 नमूने इकट्ठा करने वाले स्कूलों में लघु मृदा परीक्षण लैब बनेगा. लैब के लिए एक-एक लाख रुपए विभाग की ओर से उपलब्ध कराये जायेंगे.

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Published by: Krishan mohan pathak

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