Samastipur News: समस्तीपुर में शिक्षा विभाग ने लापरवाही और अनुशासनहीनता के मामलों पर सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है. विभागीय आदेशों की अनदेखी, फर्जी उपस्थिति दर्ज करने और शैक्षणिक कार्यों में बाधा पहुंचाने के आरोप में एक प्रधान शिक्षक समेत तीन शिक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. साथ ही सभी के खिलाफ विभागीय जांच और अनुशासनात्मक कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है.
प्रधान शिक्षक पर आदेशों की अनदेखी का आरोप
पहला मामला मोहनपुर प्रखंड के प्राथमिक विद्यालय बघड़ा से जुड़ा है. यहां के प्रधान शिक्षक नंद किशोर राय पर विभागीय निर्देशों की अवहेलना, स्पष्टीकरण का जवाब नहीं देने और विद्यालयी दायित्वों के विपरीत अन्य कार्यों में संलिप्त रहने का आरोप है. इन आरोपों के आधार पर उन्हें निलंबित कर दिया गया है. निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय मोरवा प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय निर्धारित किया गया है.
फर्जी हाजिरी के आरोप में दो शिक्षक निलंबित
दूसरी कार्रवाई पटोरी प्रखंड के परियोजना बालिका उच्च विद्यालय, चकसलेम में कार्यरत दो विशिष्ट शिक्षकों पर हुई है. शिक्षक विमल कुमार बनर्जी और शिक्षिका स्वीकृति पर फर्जी उपस्थिति दर्ज करने, विभाग को गुमराह करने, वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों की अनदेखी करने और शैक्षणिक गतिविधियों को प्रभावित करने का आरोप है. जांच के दौरान प्रथम दृष्टया आरोपों को गंभीर मानते हुए दोनों को निलंबित कर दिया गया.
विभागीय जांच शुरू, जारी होगी चार्जशीट
शिक्षा विभाग ने दोनों मामलों की जांच के लिए संबंधित अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी है. निलंबन अवधि में शिक्षकों को नियमानुसार केवल जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा. विभाग ने स्पष्ट किया है कि जल्द ही आरोप पत्र जारी कर आगे की कार्रवाई की जाएगी. इस कदम के बाद जिले के शिक्षकों के बीच विभागीय अनुशासन को लेकर चर्चा तेज हो गई है.
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