Samastipur News: जिले के पूसा प्रखंड अंतर्गत मलिकौर गांव स्थित जमुआरी नदी तट पर अवस्थित मामा सती मंदिर परिसर में नौ दिवसीय भव्य संगीतमयी श्रीराम कथा का आयोजन किया जा रहा है.श्रीरामचरितमानस प्रचार-प्रसार संघ पूसा के तत्वावधान में आयोजित इस कथा के पांचवें दिन श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव के उपरांत की कथा का भावपूर्ण श्रवण किया.कथा स्थल पर भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी रही और पूरा वातावरण भक्ति रस से सराबोर बना रहा.
भगवान राम के आचरण से लें प्रेरणा
कथा वाचिका देवी अनुराधा सरस्वती जी ने कहा कि भगवान श्रीराम जब शिक्षा ग्रहण कर गुरुकुल से लौटे, तो वे प्रतिदिन प्रातःकाल उठकर सबसे पहले माता-पिता एवं गुरुजनों को प्रणाम करते थे.उन्होंने अपने आचरण से संपूर्ण समाज को यह संदेश दिया कि जो व्यक्ति माता-पिता और गुरु के चरणों में झुकना सीख जाता है, पूरी दुनिया उसके आगे नतमस्तक हो जाती है.उन्हीं के आशीर्वाद का प्रभाव है कि आज संपूर्ण विश्व में भगवान श्रीराम की जय-जयकार हो रही है.
दुर्गा सप्तशती पाठ और भव्य रासलीला का आयोजन
मामा सती मन्दिर परिसर में शास्त्री पशुपतिनाथ झा के द्वारा दुर्गा सप्तशती का पाठ और कलश पूजा आदि नियमित की जा रही है.कथा विश्राम के बाद रात्रि 8 बजे से लेकर 12 बजे तक वृंदावन से आए कलाकारों द्वारा भव्य रासलीला की प्रस्तुति की जा रही है.कार्यक्रम को सफल बनाने में आयोजन समिति के अध्यक्ष नवीन कुमार राय, विजय राय, अनोज, अजीत राय, रविरंजन, राहुल और धीरज सहित समिति के सभी सदस्य सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं.
समस्तीपुर के पूसा से सुभाष चंद्र कुमार की रिपोर्ट
