समस्तीपुर से गिरिजा नन्दन शर्मा की रिपोर्ट
Samastipur News: ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करने के उद्देश्य से समस्तीपुर के पूसा स्थित सहकारिता प्रशिक्षण केंद्र में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया.कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बिहार सरकार के सहकारिता मंत्री राम कृपाल यादव थे.इस अवसर पर उन्होंने प्रशिक्षण केंद्र के नवनिर्मित भवनों का उद्घाटन किया और तीन दिवसीय प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले पदाधिकारियों को प्रमाण-पत्र बांटे.
आधुनिक सुविधाओं से लैस हुआ पूसा प्रशिक्षण केंद्र
सहकारिता आंदोलन को मजबूत करने के लिए पूसा प्रशिक्षण केंद्र का कायाकल्प किया गया है.मंत्री ने केंद्र में अत्याधुनिक कंप्यूटर कक्ष, समृद्ध पुस्तकालय, विशाल सभा कक्ष और आधुनिक छात्रावास का विधिवत उद्घाटन किया.उन्होंने कहा कि सहकारिता अब सिर्फ खेती-किसानी तक सीमित नहीं है.इसके जरिए ग्रामीण इलाकों में फूड प्रोसेसिंग यूनिट, जन औषधि केंद्र और पेट्रोल पंप जैसे बड़े गैर-कृषि कार्य भी किए जाएंगे.
रोजगार के नए अवसरों और वेजफेड पर जोर
सहकारिता मंत्री ने कहा कि बिहार की ग्रामीण अर्थव्यवस्था का मूल आधार सहकारिता ही है.सरकार का लक्ष्य युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करना है, जिसके लिए वेजफेड को ग्रामीण स्तर पर बेहद सशक्त और सक्रिय बनाया जाएगा.उन्होंने कहा कि शहद, मखाना, मछली उत्पादक और बुनकर जैसी प्राथमिक सहकारी समितियों का गठन करके बड़े पैमाने पर रोजगार सृजित किए जा सकते हैं.
17 दिनों तक चलेगा महा-प्रशिक्षण अभियान
पैक्स के सुदृढ़ीकरण के लिए 17 दिवसीय विस्तृत प्रशिक्षण सत्र की रूपरेखा तैयार की गई है.इसका पहला सत्र 1 जून 2026 से 3 जून 2026 तक आयोजित किया गया, जिसमें सहकारिता प्रसार पदाधिकारियों को ‘मास्टर ट्रेनर’ के रूप में प्रशिक्षित किया गया.अब ये जमीनी स्तर पर जाकर पैक्स प्रतिनिधियों को प्रशिक्षित करेंगे.कार्यक्रम में विधान पार्षद तरुण कुमार, जिला केंद्रीय सहकारी अधिकोष के अध्यक्ष विनोद कुमार राय और सहकारिता विभाग के अपर सचिव अभय कुमार सिंह सहित कई अधिकारी मौजूद रहे.
