Samastipur News: किशोरावस्था के दौरान होने वाले शारीरिक और मानसिक बदलावों को लेकर अक्सर छात्राएं संकोच और जानकारी के अभाव में तनाव महसूस करती हैं. ग्रामीण परिवेश में इन विषयों पर खुलकर बात करना आज भी एक चुनौती है. छात्राओं की इसी हिचकिचाहट को दूर करने के लिए विभूतिपुर प्रखंड के उच्च माध्यमिक विद्यालय महथी उत्तर में ‘सखी सहायता डेस्क’ की एक अनूठी पहल शुरू की गई है.
स्कूल में ही मिलेगा हर उलझन का हल
विद्यालय के एचएम धर्मेंद्र राम ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में छात्राएं अक्सर मासिक धर्म या अन्य शारीरिक बदलावों पर बात करने से कतराती हैं. ‘सखी सहायता डेस्क’ का मुख्य उद्देश्य छात्राओं को एक ऐसा सुरक्षित मंच प्रदान करना है, जहाँ वे बिना किसी डर या शर्म के अपनी बात साझा कर सकें. अब उन्हें अपनी स्वास्थ्य समस्याओं के लिए यहाँ-वहाँ भटकने की आवश्यकता नहीं होगी.
जागरूकता और तत्काल समाधान की व्यवस्था
नोडल शिक्षिका कुलबुल कुमारी ने कार्यक्रम के दौरान छात्राओं को हार्मोनल बदलाव, व्यक्तिगत स्वच्छता और पोषण के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी. इस पहल की विशेषता यह है कि यहाँ न केवल छात्राओं की समस्याओं को सुना जा रहा है, बल्कि स्कूल स्तर पर ही उनके त्वरित समाधान और परामर्श की व्यवस्था भी की गई है.
आत्मविश्वास से सशक्त बनेंगी बेटियां
डीपीओ एसएसए जमालुद्दीन के अनुसार, इस डेस्क से छात्राओं के आत्मविश्वास में वृद्धि होगी. जब उन्हें शरीर में होने वाले बदलावों की सही वैज्ञानिक जानकारी मिलेगी, तो वे भ्रांतियों से दूर रहेंगी. स्कूल प्रशासन का मानना है कि बेटियां शारीरिक रूप से स्वस्थ और मानसिक रूप से जागरूक होंगी, तभी वे शिक्षा और समाज के हर क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन कर पाएंगी. स्थानीय अभिभावकों ने भी विद्यालय की इस पहल को महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक प्रभावी कदम बताया है.
समस्तीपुर से प्रकाश कुमार की रिपोर्ट
