Samastipur News: बिहार के समस्तीपुर जिले के मोरवा प्रखंड अंतर्गत केशो नारायणपुर पंचायत में मनरेगा योजना में बड़े पैमाने पर लूट-खसोट का मामला सामने आया है. यहां नियमों को ताक पर रखकर पिछले दो वर्षों में 40 से अधिक निजी जमीनों पर पोखर खुदाई के नाम पर लाखों रुपयों की अवैध निकासी कर ली गई. चौंकाने वाली बात यह है कि जिन पोखरों के नाम पर सरकारी राशि उठाई गई, आज धरातल पर उनमें हरी सब्जियों की खेती की जा रही है. स्थानीय लोगों का आरोप है कि खेत के चारों ओर सिर्फ मेड़ बनाकर उसे पोखर का रूप दे दिया गया, जबकि कई जगहों पर खेत की मिट्टी काटकर बेच दी गई और उसे ही पोखर दिखाकर मोटी रकम डकार ली गई.
परदेश में रहने वाले मजदूरों के नाम पर निकाली मजदूरी
इस महाघोटाले में न केवल सरकारी धन का दुरुपयोग हुआ, बल्कि प्रवासी मजदूरों के नाम का भी गलत इस्तेमाल किया गया. जो मजदूर सालों से परदेश (गैर-राज्यों) में रहकर आजीविका कमा रहे हैं, उनके जॉब कार्ड पर मनरेगा की मजदूरी की राशि ट्रांसफर कर दी गई. वहीं गांव में रहने वाले सीधे-साधे मजदूरों को सिर्फ बैंक से पैसे निकासी के जरिया के रूप में इस्तेमाल किया गया. अधिकांश जॉब कार्ड धारकों को यह तक मालूम नहीं है कि कागजों पर उनसे किस योजना में काम कराया गया है.
पेवर ब्लॉक में भी धांधली, अधिकारी बोले- होगी कार्रवाई
भ्रष्टाचार का यह खेल सिर्फ पोखर तक सीमित नहीं है. पंचायत में पेवर ब्लॉक निर्माण में भी भारी अनियमितता की गई है. नियम के विरुद्ध 80 एमएम के स्थान पर घटिया क्वालिटी के 60 एमएम के पेवर ब्लॉक लगाकर पूरी राशि डकार ली गई. तकनीकी सहायक और कनीय अभियंता ने इसकी गुणवत्ता की जांच करना भी जरूरी नहीं समझा. किसी भी योजना स्थल पर सूचना पट्ट (बोर्ड) नहीं लगाया गया था, ताकि ग्रामीणों को इसकी भनक न लगे. ऑनलाइन रिकॉर्ड खंगालने पर जब इस लूट की पोल खुली, तब जाकर हड़कंप मचा. इस संबंध में मनरेगा के कार्यक्रम पदाधिकारी रंजीत कुमार ने कहा कि मामले की गहन जांच कराकर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
समस्तीपुर के मोरवा से मनोज वर्मा की रिपोर्ट
