Samastipur News: प्रखंड का डुमैनी गांव अब अपनी बदनामी का कलंक धोने के लिए उठ खड़ा हुआ है. लंबे समय से शराब तस्करी, अवैध उत्पादन और पुलिस से टकराव के लिए बदनाम इस गांव के लोगों ने अब सुधरने का फैसला किया है. इस सामाजिक बुराई के कारण गांव की स्थिति इतनी खराब हो चुकी थी कि दूसरे गांवों के लोग यहां शादी-ब्याह करने से भी कतराने लगे थे. बच्चों का भविष्य अंधकार में डूब रहा था.
विधायक की मौजूदगी में ग्रामीणों ने ली नशामुक्ति की शपथ
इस स्थिति को बदलने के लिए सरपंच रामबाबू पासवान की अध्यक्षता में एक विशेष बैठक बुलाई गई. बैठक में मुख्य रूप से मौजूद क्षेत्रीय विधायक राजेश कुमार सिंह ने ग्रामीणों को नशामुक्ति की शपथ दिलाई. विधायक ने स्पष्ट कहा कि सामाजिक सहयोग के बिना शराबबंदी को सफल बनाना मुमकिन नहीं है. उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे मुख्यधारा में लौटें और बात न मानने वाले शराब माफियाओं का सामाजिक बहिष्कार कर उनकी सूची पुलिस को सौंपें.
शिक्षा और सुरक्षा पर जोर, माफियाओं में खलबली
विधायक ने लोगों से बच्चों को शिक्षा से जोड़ने, गुटखा-तंबाकू छोड़ने और सड़क सुरक्षा के लिए हेलमेट लगाने की अपील की. ग्रामीणों के इस कड़े रुख से शराब माफियाओं में खलबली मच गई है. बैठक में माकपा नेता मनोज कुमार सुनील ने भी इस पहल का समर्थन करते हुए कहा कि नशे के कारण घरेलू हिंसा बढ़ रही है और परिवार बिखर रहे हैं. सभी ने एक सुर में डुमैनी को नशामुक्त बनाने का संकल्प लिया.
समस्तीपुर के मोहिउद्दीननगर से राजीव रंजन की रिपोर्ट
