समस्तीपुर के मोरवा से मनोज वर्मा की रिपोर्ट
Samastipur News: जिले के मोरवा प्रखंड में सक्षम आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए सामानों की खरीद में बड़े पैमाने पर धांधली का मामला सामने आया है. यहाँ नियमों को ताक पर रखकर बिना कोई सार्वजनिक निविदा (टेंडर) निकाले ही गुपचुप तरीके से करीब 4 लाख 20 हजार रुपये के सामानों की खरीदारी कर ली गई है. इतना ही नहीं, इस सरकारी राशि का भुगतान भी चुपके से निकाल लिया गया है. विभागीय नियमों के अनुसार इस निविदा को प्रमुख समाचार पत्रों में प्रकाशित किया जाना था, लेकिन इसके बदले कार्यालय के भीतर दीवार पर ही टेंडर का पोस्टर चिपकाकर खानापूर्ति कर ली गई.
बिना बिजली-पानी के केंद्रों पर टीवी और वाटर फिल्टर की सप्लाई
हैरानी की बात यह है कि करीब एक साल पहले प्रखंड के जिन 12 आंगनबाड़ी केंद्रों को सक्षम आंगनबाड़ी केंद्र के रूप में अपग्रेड किया गया था, वहाँ आज तक बिजली और पानी की बुनियादी सुविधा तक उपलब्ध नहीं है. इसके बावजूद सरकारी राशि का दुरुपयोग करने के लिए इन केंद्रों पर एलईडी टीवी और वाटर फिल्टर की आपूर्ति की जा रही है. कार्यालय सूत्रों के अनुसार सीडीपीओ कुमारी श्वेता द्वारा अपने पूर्व के पदस्थापन वाले स्थान से ही इन सामानों को मंगाकर औपचारिकता पूरी की गई है. इस मामले पर सीडीपीओ ने कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया है.
स्थानीय जीएसटी सप्लायरों में भारी आक्रोश, डीएम से शिकायत की तैयारी
इस गुप्त खरीदारी की भनक लगते ही समस्तीपुर जिले के स्थानीय जीएसटी सप्लायर आक्रोशित हो गए हैं. शिवकुमार, विश्वजीत कुमार और रविंद्र कुमार समेत कई सप्लायरों का कहना है कि वे नियमतः टैक्स भरते हैं, लेकिन उन्हें इस प्रक्रिया से दूर रखकर विभागीय मिलीभगत से यह खेल खेला गया है. सप्लायरों ने इसकी शिकायत जिलाधिकारी (डीएम) और डीपीओ से करने की बात कही है. विदित हो कि सक्षम आंगनबाड़ी केंद्रों के नाम पर अब तक रेन वाटर हार्वेस्टिंग और पोषण वाटिका के बिना ही करीब सात लाख रुपये की फर्जी निकासी की जा चुकी है. इससे पहले भी ऐसी ही अनियमितता को लेकर तत्कालीन सीडीपीओ पर गाज गिर चुकी है.
