Samastipur News: बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग (BPSSC) द्वारा संचालित अधिनायक लिपिक परीक्षा के सफल, शांतिपूर्ण और कदाचारमुक्त आयोजन को लेकर समस्तीपुर जिला प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में है. आगामी 10 जून 2026 को आयोजित होने वाली इस परीक्षा की तैयारियों और विधि-व्यवस्था को चाक-चौबंद करने के लिए जिलाधिकारी (DM) रोशन कुशवाहा की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में एक महत्वपूर्ण समीक्षात्मक बैठक संपन्न हुई.
बैठक में जिलाधिकारी ने निष्पक्ष परीक्षा संचालन को लेकर आयोग के कड़े दिशा-निर्देशों से सभी अधिकारियों और केंद्राधीक्षकों को रूबरू कराया.
परीक्षा का शेड्यूल और प्रशासनिक सुरक्षा घेरा
जिले में परीक्षा को पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने के लिए बड़े पैमाने पर दंडाधिकारियों और उड़नदस्ता दलों की तैनाती की गई है. परीक्षा से जुड़े मुख्य इंतजाम इस प्रकार हैं:
| परीक्षा और व्यवस्था से जुड़े मुख्य बिंदु | आधिकारिक विवरण (Exam Details) |
|---|---|
| परीक्षा की तारीख | बुधवार, 10 जून 2026 |
| परीक्षा का समय | प्रातः 10:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक (02 घंटे) |
| कुल परीक्षा केंद्र | समस्तीपुर जिले में कुल 17 केंद्र बनाए गए हैं |
| जोनल दंडाधिकारी (Zonal Magistrates) | 09 जोनल दंडाधिकारियों की तैनाती की गई है |
| उड़नदस्ता दल (Flying Squads) | 04 उड़नदस्ता दलों का गठन किया गया है |
| तकनीकी सुरक्षा इंतजाम | बायोमेट्रिक, जैमर और सीसीटीवी कैमरों से लाइव निगरानी |
जैमर और सीसीटीवी से होगी कड़ी निगरानी, 9 जून तक की डेडलाइन
जिलाधिकारी रोशन कुशवाहा ने परीक्षा की शुचिता सुनिश्चित करने के लिए तकनीकी उपकरणों के इस्तेमाल पर विशेष जोर दिया. उन्होंने सभी केंद्राधीक्षकों को कड़ा निर्देश दिया कि परीक्षा केंद्रों पर जैमर, सीसीटीवी कैमरा और अन्य आवश्यक डिजिटल उपकरणों का शत-प्रतिशत अधिष्ठापन (इंस्टॉलेशन) 09 जून 2026 तक हर हाल में पूरा कर लिया जाए.
इसके साथ ही, सभी जोनल और स्टैटिक दंडाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने-अपने आवंटित परीक्षा केंद्रों का भौतिक भ्रमण कर वहां उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं (जैसे- रोशनी, पेयजल, बैठक व्यवस्था) का बारीकी से निरीक्षण और पर्यवेक्षण कर लें.
प्रश्न-पत्रों की सुरक्षा और समयबद्धता पर रहेगा जोर
प्रशासन की ओर से लीक या किसी भी प्रकार की अनियमितता को रोकने के लिए पुख्ता रणनीति बनाई गई है. परीक्षा के दिन निर्धारित समय पर सभी दंडाधिकारियों को अपने केंद्रों पर मुस्तैद रहने को कहा गया है. साथ ही, ट्रेजरी (कोषागार) से प्रश्न-पत्रों को सुरक्षित, गोपनीय और समयबद्ध तरीके से परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी तय कर दी गई है.
जिलाधिकारी का कड़ा निर्देश: “परीक्षा की शुचिता एवं पारदर्शिता बनाए रखना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है. सभी संबंधित पदाधिकारी पूरी सतर्कता और ईमानदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें. परीक्षा केंद्रों पर या उसके आसपास किसी भी प्रकार की अनियमितता या कदाचार की सूचना मिलने पर संबंधित तत्वों के खिलाफ कानूनन त्वरित और कठोरतम दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी.” — रोशन कुशवाहा, जिलाधिकारी, समस्तीपुर
बैठक में इन आला अधिकारियों की रही मौजूदगी
समाहरणालय सभागार में आयोजित इस उच्च स्तरीय बैठक में जिला प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी और शिक्षा विभाग के पदाधिकारी मौजूद रहे, जिनमें मुख्य रूप से:
- उप विकास आयुक्त (DDC)
- अपर समाहर्ता (आपदा प्रबंधन)
- जिले के सिविल सर्जन
- जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (DPO)
- सभी चिन्हित 17 परीक्षा केंद्रों के केंद्राधीक्षक और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े पुलिस पदाधिकारी शामिल थे.
समस्तीपुर से गिरिजा नन्दन शर्मा की रिपोर्ट
