समस्तीपुर: प्रखंड क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी एवं गुणवत्तापूर्ण बनाने की दिशा में निरंतर प्रयास किये जा रहे हैं. इसी कड़ी में एनीमिया के विरुद्ध प्रभावी अभियान को गति देने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग द्वारा पीरामल फाउंडेशन के तकनीकी सहयोग से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के सभागार में एनीमिया मॉड्यूल आधारित प्रखंड स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया.
स्वास्थ्य कर्मियों को जांच और उपचार की दी गयी जानकारी
प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य स्वास्थ्य कर्मियों को एनीमिया की समय पर जांच, पहचान, उपचार और परामर्श के लिए दक्ष बनाते हुए समग्र रूप से तैयार करना था. प्रशिक्षण में एएनएम, जीएनएम एवं सीएचओ ने भाग लिया.
इस अवसर पर प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. प्रदीप कुमार ने कहा कि एनीमिया एक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौती है. इसका सीधा प्रभाव मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य पर पड़ता है. गर्भवती महिलाओं में एनीमिया की समय पर पहचान और समुचित उपचार से अनेक गंभीर स्वास्थ्य जटिलताओं को रोका जा सकता है.
जन जागरूकता और भागीदारी पर जोर
डॉ. नरेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि सरकार एनीमिया से मुक्ति के लिए अनेक कार्यक्रमों का संचालन कर रही है. जन जागरूकता एवं आमजन की भागीदारी से ही देश को एनीमियामुक्त बनाया जा सकता है.
प्रशिक्षक केशव कुमार, राधे फैलियान व तेनजिंग डिंगू ने प्रतिभागियों को कैसर टी, समूह चर्चा एवं प्रश्नोत्तरी के माध्यम से एनीमिया की स्थिति, उसके स्वास्थ्य प्रभाव, हीमोग्लोबिन की सही जांच प्रक्रिया, आयरन एवं फोलिक एसिड की भूमिका, उपचार प्रोटोकॉल, टी-3 एवं समय पर व्यवहार परिवर्तन की विस्तृत जानकारी दी.
प्रशिक्षण में ये स्वास्थ्य कर्मी रहे मौजूद
मौके पर स्वास्थ्य प्रबंधक बहाव आलम, नवनीत कुमार, प्रभाष कुमार पप्पू, कंचन कुमारी, अलका रानी, गीता कुमारी, विभा कुमारी, निभा कुमारी, अंजुम अंजन, अजय कुमार शर्मा, मानसिंह सैनी, हिमांशु कुमार, महालक्ष्मी कुमारी, रिया कुमारी, राजू कुमार, कीर्ति कुमारी और खुशबू कुमारी मौजूद थीं.
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