"हमारा देश 2047 को...", स्वतंत्रता दिवस पर प्रिंसिपल की फिसली जुबान, वीडियो वायरल

"हमारा देश 2047 को...", स्वतंत्रता दिवस पर प्रिंसिपल की फिसली जुबान, वीडियो वायरल

समस्तीपुर के एक कॉलेज में स्वतंत्रता दिवस के दौरान प्रिंसिपल डॉ. धर्मराज राम ने अपने भाषण में एक बड़ी चूक कर दी. शिक्षकों द्वारा टोके जाने पर उन्होंने अपनी गलती सुधारी, लेकिन वीडियो वायरल होने पर छात्र संगठनों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है.

समस्तीपुर न्यूज: स्वतंत्रता दिवस पर जब पूरा देश आजादी का जश्न मना रहा था, उसी दौरान ताजपुर प्रखंड के डॉ. एलकेवीडी कॉलेज में प्रधानाचार्य के एक बयान ने विवाद खड़ा कर दिया. ध्वजारोहण के बाद सभा को संबोधित करते हुए कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. धर्मराज राम ने अपने भाषण में कहा कि “हमारा देश 2047...”, इतने में ही वहां मौजूद शिक्षकों ने उन्हें टोका और फिर प्रधानाचार्य ने अपनी बात सही की. इस तरह की गलती को देख मौके पर मौजूद शिक्षक भी हैरान रह गये.

नोट: प्रभात खबर वीडियो की सत्यता की पुष्टि नहीं करता है. वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.

शिक्षकों के इशारे के बाद हुआ गलती का अहसास

प्रधानाचार्य के भाषण का वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. वीडियो में साफ सुना जा सकता है कि भाषण देते वक्त प्रधानाचार्य कहते हैं, "हमारा देश 2047..." इसी बीच वहां मौजूद कुछ शिक्षकों ने उन्हें इशारा कर गलती की ओर ध्यान दिलाया. इसके बाद उन्हें अपनी भूल का अहसास हुआ, लेकिन तब तक उनका बयान रिकॉर्ड हो चुका था.

छात्र संगठनों ने जताया आक्रोश

डॉ. धर्मराज का बयान वायरल होने के बाद विभिन्न छात्र संगठनों ने नाराजगी जतायी है. आइसा के जिला सचिव सुनील कुमार ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस के मौके पर महाविद्यालय के प्रधानाचार्य का इस तरह का बयान देना बेहद शर्मनाक है. उन्होंने कहा कि देश के इतिहास की बुनियादी जानकारी रखने की जिम्मेदारी शिक्षण संस्थान के प्रमुख की होती है.

उच्च शिक्षा विभाग से कार्रवाई की मांग

छात्र नेता मुलायम सिंह यादव ने कहा कि प्रधानाचार्य का पद बेहद जिम्मेदारी वाला होता है. उनके अनुसार, राष्ट्रीय पर्व पर इस तरह की चूक को सामान्य गलती मानकर नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए. उन्होंने उच्च शिक्षा विभाग से मामले का संज्ञान लेकर कार्रवाई करने की मांग की.

वहीं, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद समेत अन्य स्थानीय छात्र नेताओं ने भी प्रधानाचार्य के बयान पर सवाल उठाये हैं. छात्र संगठनों ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रम में देश के इतिहास से जुड़ी इतनी महत्वपूर्ण जानकारी को गलत तरीके से प्रस्तुत करना गंभीर मामला है.

वीडियो वायरल होने के बाद बढ़ा विवाद

प्रधानाचार्य के भाषण का वीडियो सामने आने के बाद यह मामला चर्चा में आ गया है. हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार बयान के बाद उन्हें अपनी गलती का अहसास हुआ था. छात्र संगठनों की मांग है कि पूरे मामले की जांच कर यह स्पष्ट किया जाए कि यह महज जुबान फिसलने का मामला था या इसके पीछे कोई अन्य कारण था.

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By Prakash kumar

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