अवैध सिम बॉक्स व इलेक्टॉनिक गैजेट्स मामले में एसटीएफ के हत्थे चढ़ा रोसड़ा का युवक

रोसड़ा थाना क्षेत्र के ढट्टा गांव के रहने वाले रामनाथ महतो के पुत्र अंजनी कुमार स्वंत्रत को गिरफ्तार किया.

समस्तीपुर/राेसड़ा. उत्तर बंगाल के सिलीगुड़ी इलाके में विभिन्न स्थानों से बरामद अवैध सिम बॉक्स मामले में बंगाल एसटीएफ (स्पेशल टास्क फोर्स) ने समस्तीपुर जिला के रोसड़ा थाना क्षेत्र के ढट्टा गांव के रहने वाले रामनाथ महतो के पुत्र अंजनी कुमार स्वंत्रत को गिरफ्तार किया. एसटीएफ गिरफ्तार आरोपित को कोर्ट से ट्रांजिट रिमांड पर लेकर सिलीगुड़ी रवाना हो गयी. मामले में पिछले कई दिनों से बंगाल एसटीएफ समस्तीपुर में उक्त आरोपित की तलाश में जगह – जगह दबिश दे रही थी. इस दौरान पुलिस के तकनीक अनुसंधान की मदद से आरोपित का सुराग मिला. मंगलवार को बंगाल एसटीएफ ने रोसड़ा में स्थानीय पुलिस की मदद से आरोपित को गिरफ्तार कर लिया. बताया जा रहा है कि पिछले 27 जुलाई को उत्तर बंगाल के सिलीगुड़ी मेट्रोपोलिटन पुलिस ने स्थानीय माटीगड़ा और प्रधाननगर थाना क्षेत्र के विभिन्न स्थानों से पांच अवैध सिम बॉक्स व अन्य कई इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स बरामद किया. इसके बाद सिलीगुड़ी के पाकुड़तला मोड़ समेत आसपास के इलाके से एक दर्जन से अधिक सीम बॉक्स, तीन सौ से अधिक प्रीएक्टिव सिम कार्ड, इंटरनेट डोंगल, मिनी लैपटॉप, राउटर्स व अन्य कई इलेक्टॉनिक गैजेट्स बरामद किया. इस मामले में पहले एसटीएफ ने कोलकाता हवाई अड्डा से तीन लोगाें को गिरफ्तार भी किया. इसमें एक बांग्लादेश का रहने वाला युवक शामिल था. पुलिस हिरासत में आरोपितों से जब पूछताछ की गई. इसके बाद गिरोह के मास्टरमाइंड समस्तीपुर के अंजनी कुमार स्वंतत्र का नाम सामने आया. पुलिस सूत्रों के अनुसार सिम बॉक्स का इस्तेमाल आपराधिक घटनाओं को अंजाम देने के लिए किया जा रहा था. पुलिस के सेंट्रल इंटेलीजेंस ब्यूरो भी इस मामले की जांच कर रही है. सिम बॉक्स का इस्तेमाल कर क्या किया गया, इसकी जांच पुलिस ने शुरू कर दी है. दार्जलिंग में चाय बगान का व्यापार करता था अंजनी उत्तर बंगाल के सिलीगुड़ी इलाके से बरामद अवैध सिम बॉक्स मामले में बंगाल पुलिस के हत्थे चढ़े रोसड़ा के ठड्डा गांव निवासी रामनाथ महतो पिछले कई साल से दार्जलिंग में चायपत्ती का व्यापार करता था. उसने दार्जलिंग में चाय पत्ती का बागान ले रखा था और वहां उसका अपना मकान भी है. स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार पिछले छह माह से अंजनी रोसड़ा के ठड्डा स्थित अपने घर था. परिजनों के बताया के दार्जलिंग में अंजनी ने अपने मकान को किराचे पर लगा रखा था. पुलिस सूत्रों के अनुसार दार्जलिंग में अंजनी के किराये के मकान से अवैध सिम बॉक्स और कई इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स बरामद हुआ है. इसके आधार पर बंगाल एसटीएफ मकान मालिक की तलाश समस्तीपुर पहुंची. क्या है सिम बॉक्स पुलिस सूत्रों के अनुसार बरामद सीम बॉक्स के अंदर 256 सीम स्टॉल है. बॉक्स में एक्टिव सीम डालकर इंटरनेट के जरिए कंप्यूटर और राउटर की सहायता से मुफ्त में इंटरनेशनल कॉल कराया जाता था. इसके अलावा आपराधिक घटनाओं को अंजाम देने में इसका इस्तेमाल किया जाता था. विदेशों में फोन कॉल करने से सरकार को राजस्व प्राप्त होता है. लेकिन, सिम बॉक्स के माध्यम से इंटरनेट के जरिए कॉल किया जाता है. इससे सरकार को राजस्व की हानि होती है. खास बात है कि सिम बॉक्स प्रकिया के तहत किये जाने वाले कॉल को ट्रेस कर पाना भी मुश्किल है. क्योंकि कॉल के साथ इंटरनेट का आइपी एड्रेस भी बदल दिया जाता है. वर्तमान में ऑनलाइन फ्राड करने वाले गिरोह, तस्कर और आतंकी संगठन इसी प्रकिया के तहत नेशनल और इंटरनेशनल कॉल करते हैं. ताकि ट्रेसिंग और फोन टैंपिक से भी बच सके.

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