Samastipur News: समस्तीपुर जिले के रोसड़ा स्थित तपस्वी बाबा राम-जानकी ठाकुरबाड़ी के पूज्य महंत राधा रमन दास का 101 वर्ष की आयु में निधन हो गया. उनके साकेतवास की खबर मिलते ही संत समाज, श्रद्धालुओं और धर्मप्रेमी जनता में गहरा शोक व्याप्त हो गया. शुक्रवार को बेगुसराय के सिमरिया घाट पर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच उनका अंतिम संस्कार किया गया.
85 वर्षों तक की ठाकुरबाड़ी की सेवा
मूल रूप से दरभंगा जिले के सहोपुर बरैठ गांव के निवासी महंत राधा रमन दास पांच भाइयों और दो बहनों में सबसे बड़े थे. उन्होंने वर्ष 1941 के आसपास रोसड़ा के तपस्वी बाबा राम-जानकी ठाकुरबाड़ी की महंती संभाली थी. आजीवन अविवाहित रहकर उन्होंने अपना पूरा जीवन धर्म, अध्यात्म, मानव सेवा और समाज कल्याण के लिए समर्पित कर दिया.
सिमरिया घाट पर दी गई मुखाग्नि
महंत जी की अंतिम इच्छा के अनुसार, उनके छोटे भाई दिवंगत महेंद्र नारायण मिश्र के सबसे छोटे पौत्र विवेक कुमार मिश्र ने सिमरिया घाट पर उन्हें मुखाग्नि दी. अंतिम संस्कार की पूरी व्यवस्था हीरा मिश्र एवं परिवार के सदस्यों द्वारा संपन्न कराई गई.
अंतिम यात्रा में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
उनकी अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में संत, महात्मा, श्रद्धालु और क्षेत्र के गणमान्य लोग शामिल हुए. शव यात्रा में पूर्व मुख्य पार्षद श्यामबाबू सिंह, टेकूनामठ के महंत हरि नारायण दास, मुरादपुर के महंत पवन दास, पचगामा के महंत बजरंगी दास, पंडित राम चरित्र झा समेत दर्जनों लोग उपस्थित थे.
संत समाज के लिए अपूरणीय क्षति
स्थानीय लोगों और संत समाज ने महंत जी के निधन को धार्मिक परंपरा और समाज के लिए एक अपूरणीय क्षति बताया. ठाकुरबाड़ी में उनकी दशकों लंबी सेवा, साधना और निस्वार्थ योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा.
