Samastipur News:लालसर रोग से निजात को शोध की हुई शुरुआत : डॉ बलवंत

डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय पूसा के ईख अनुसंधान संस्थान में गन्ना के हाइब्रिड सीडलिंग से लेकर क्लोनल चयन की प्रक्रिया होते आ रहा है.

Samastipur News: पूसा : डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय पूसा के ईख अनुसंधान संस्थान में गन्ना के हाइब्रिड सीडलिंग से लेकर क्लोनल चयन की प्रक्रिया होते आ रहा है. इस साल 7 क्लोन का चयन किया गया है. जिसमें मुख्यतः 4 क्लोन आगत समूह के और 3 क्लोन मध्य पिछात ग्रुप के है. बीओ 157 नाम का क्लोन भी चयनित किया गया है. जिसका क्रॉसिंग पूसा में ही हुआ. इसका सीडलिंग संख्या एक्स 20039 है बाकी अन्य 6 क्लोन सीओपी कोयंबतूर पूसा यानि कोयंबतूर में हाइब्रिड बना और सीडलिंग संख्या कॉक्स से नामित किया जाता है. जो विकसित होने के बाद पूसा लिखा जाता है. इसका क्लोनल चयन की प्रक्रिया पूसा में ही हुई है. एसोसियेट प्रो डॉ बलवंत कुमार बताते हैं कि तत्कालीन लालसर रोग से निजात के लिए तीव्र गति से पूसा में हाइब्रिडिजेशन शोध कार्यक्रम शुरू करने के लिए एल खन्ना साहब ने और बीओ सीरीज के गन्ना प्रभेद जारी किया. 1946 में पहली बीओ किस्म बनी थी. बीओ 11, फिर बीओ 10 1947 में तत्पश्चात अभी तक 157 बीओ क्लोन विकसित हुआ.

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