समस्तीपुर कॉलेज में छात्रों को बताया बढ़ती आबादी का असर, संसाधनों के संतुलित उपयोग पर दिया गया जोर

समस्तीपुर कॉलेज के अर्थशास्त्र विभाग ने 'जनसंख्या स्थिरीकरण, संसाधनों का संतुलित उपयोग और सतत विकास' विषय पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया. इसका उद्देश्य छात्रों को बढ़ती आबादी से जुड़ी चुनौतियों और उनके प्रभावों के प्रति जागरूक करना था. संगोष्ठी में विशेषज्ञों ने इस मुद्दे पर अपने विचार रखे.

Samastipur News: विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर शनिवार को समस्तीपुर कॉलेज के अर्थशास्त्र विभाग की ओर से "जनसंख्या स्थिरीकरण, संसाधनों का संतुलित उपयोग और सतत विकास" विषय पर एक दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का उद्देश्य छात्र-छात्राओं को बढ़ती आबादी से जुड़ी चुनौतियों और उसके सामाजिक, आर्थिक तथा पर्यावरणीय प्रभावों के प्रति जागरूक करना था.

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संसाधनों और जनसंख्या में संतुलन जरूरी

महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. शशि भूषण कुमार शशि ने कहा कि वर्तमान समय में जनसंख्या और उपलब्ध संसाधनों के बीच संतुलन बनाए रखना सबसे बड़ी आवश्यकता है. उन्होंने युवाओं से स्वास्थ्य, शिक्षा और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक होकर समाज में सकारात्मक संदेश फैलाने की अपील की.

आर्थिक विकास से जुड़ा है जनसंख्या का सवाल

अर्थशास्त्र विभाग के प्रभारी एवं विभागाध्यक्ष डॉ. खुर्शीद अहमद खान ने कहा कि जनसंख्या केवल एक आंकड़ा नहीं, बल्कि रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, खाद्य सुरक्षा और देश के आर्थिक विकास से सीधे जुड़ा विषय है. उन्होंने संतुलित जनसंख्या वृद्धि के साथ मानव संसाधन के प्रभावी विकास पर बल दिया.

विशेषज्ञों ने रखे अपने विचार

रसायन विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. अनिल कुमार सिंह ने कहा कि अनियंत्रित जनसंख्या वृद्धि प्राकृतिक संसाधनों, स्वास्थ्य सेवाओं और बुनियादी सुविधाओं पर लगातार दबाव बढ़ा रही है. उन्होंने इस चुनौती से निपटने के लिए शिक्षा, जागरूकता और जिम्मेदार सामाजिक व्यवहार को आवश्यक बताया.

इतिहास विभागाध्यक्ष डॉ. दयानंद मेहता ने कहा कि अत्यधिक जनसंख्या किसी भी देश के सामाजिक और आर्थिक विकास की गति को प्रभावित करती है. इसलिए जनसंख्या संतुलन को लेकर समाज में व्यापक जागरूकता जरूरी है.

छात्रों की रही सक्रिय भागीदारी

कार्यक्रम का संचालन डॉ. रीना दुबे ने किया. उन्होंने विश्व जनसंख्या दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों से सामाजिक-आर्थिक चुनौतियों के समाधान में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया.

अंत में डॉ. कुमोद कुमार ने धन्यवाद ज्ञापन किया और कहा कि ऐसे जागरूकता कार्यक्रम समाज में सकारात्मक सोच विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं.

संगोष्ठी में शिक्षकगणों के साथ छात्र राम कुमार, रौशन कुमार, अंजलि कुमारी सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे.

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Author: Prakash kumar

Published by: Aaruni Thakur

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