समस्तीपुर: प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत घरों की छत पर रूफटॉप सोलर लगाने की उम्मीद लगाए बैठे लोगों को बैंकिंग प्रक्रिया में आ रही अड़चनों से परेशानी हो रही है. मोरवा प्रखंड में योजना के तहत रूफटॉप सोलर लगाने की उपलब्धि फिलहाल शून्य बतायी जा रही है. स्थानीय लाभुकों का कहना है कि कई मामलों में ऋण प्रक्रिया सिबिल स्कोर के नाम पर आगे नहीं बढ़ पा रही है.
500 घरों तक सोलर पहुंचाने का लक्ष्य
योजना को धरातल पर उतारने के लिए विभागीय स्तर पर लगातार प्रयास किये जा रहे हैं. अधिकारियों को लक्ष्य दिया गया है और लाभुकों को योजना की जानकारी देकर आवेदन के लिए प्रेरित किया जा रहा है. जिला प्रशासन की ओर से प्रत्येक अनुमंडल के लिए लक्ष्य निर्धारित कर मार्च तक उपलब्धि हासिल करने का निर्देश दिया गया है.
मोरवा में फिलहाल 500 घरों पर रूफटॉप सोलर लगाने का लक्ष्य बताया जा रहा है. संबंधित अधिकारियों को अधिक से अधिक घरों तक योजना का लाभ पहुंचाने का निर्देश दिया गया है. इसके बावजूद बैंक स्तर पर ऋण स्वीकृति की प्रक्रिया अपेक्षित गति नहीं पकड़ पा रही है.
CIBIL स्कोर के नाम पर ऋण प्रक्रिया अटकने की शिकायत
स्थानीय लोगों का कहना है कि रूफटॉप सोलर लगाने के लिए आवेदन करने के बाद जब ऋण की प्रक्रिया बैंक तक पहुंचती है, तो कई मामलों में सिबिल स्कोर का हवाला देकर आवेदन आगे नहीं बढ़ाया जाता.
लाभुकों का तर्क है कि वर्तमान समय में कई परिवारों ने शिक्षा, आवास, वाहन, कृषि या अन्य जरूरतों के लिए बैंक अथवा वित्तीय संस्थानों से ऋण ले रखा है. ऐसे में पुराने ऋण या अन्य वित्तीय दायित्वों के आधार पर सिबिल से जुड़ी आपत्तियां सामने आने पर योजना का लाभ लेना मुश्किल हो रहा है.
सोलर प्लांट से बिजली खर्च कम करने की उम्मीद
लाभुकों का कहना है कि वे अपने घर की छत पर सौर ऊर्जा संयंत्र लगाकर बिजली के खर्च को कम करना चाहते हैं. आवेदन करने के बाद बैंकिंग प्रक्रिया में अड़चन आने से उनकी उम्मीदों पर पानी फिर रहा है.
मोरवा प्रखंड में लोगों की रुचि के बावजूद रूफटॉप सोलर लगाने की उपलब्धि शून्य रहना योजना के क्रियान्वयन को लेकर चिंता का विषय है. विभागीय स्तर पर लक्ष्य पूरा करने के प्रयास जारी हैं, लेकिन बैंकिंग स्तर पर ऋण स्वीकृति की प्रक्रिया में तेजी नहीं आने से योजना की रफ्तार प्रभावित हो रही है.
बैंकिंग अड़चन दूर होने पर बढ़ सकती है योजना की रफ्तार
लाभुकों का कहना है कि यदि पात्र आवेदकों के मामले में बैंकिंग प्रक्रिया से जुड़ी समस्याओं का समाधान कर ऋण उपलब्ध कराया जाए, तो बड़ी संख्या में घरों की छत पर सोलर प्लांट लगाया जा सकता है. इससे बिजली के खर्च में कमी आने के साथ अक्षय ऊर्जा को बढ़ावा देने के सरकार के उद्देश्य को भी गति मिल सकती है.
अब सवाल यह है कि प्रशासनिक स्तर पर लक्ष्य निर्धारित कर अधिकारियों को जिम्मेदारी दिये जाने के बाद बैंकिंग स्तर पर आ रही अड़चनों को दूर करने के लिए ठोस पहल कब होगी. मोरवा सहित अन्य क्षेत्रों के लाभुक बैंकिंग प्रक्रिया सरल होने और पीएम सूर्यघर योजना का वास्तविक लाभ मिलने का इंतजार कर रहे हैं.
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